प्रोत्साहन की जगह होने लगी आलोचना तो शिक्षक के समाजसेवा की धार हो गयी कुंद
लार कस्बा के एक शिक्षक की कभी बड़ी थी चर्चा

एन डी देहाती /स्वाभिमान जागरण

लार कस्बा में बंटी मास्टर नाम की कभी बड़ी चर्चा थी। प्रधानमंत्री मोदी की स्वच्छता अभियान वाली धुन ऐसी सवार हुई कि शिक्षक ने कस्बे में मंदिर, मस्जिद से लेकर थाना, ब्लाक ही नहीं गलियों में निरंतर झाड़ू लगाकर एक कीर्तिमान स्थापित किया।

सड़क में मृत पड़े किसी जानवर के शव को ठिकाने लगाना हो, पौध रोपण हो, कोरोना काल में कस्बे को सेनिटॉयज करना हो, गरीब लोगों की मदद करनी हो या लोगों की अंतिम यात्रा हो, इन सब कामों में एक चेहरा सबके सामने रहता था, नाम था बंटी सिंह। लार नगर के बौली वार्ड निवासी मनीष कुमार सिंह बंटी ब्लॉक के चौमुखा पूर्व माध्यमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। दो अक्तूबर 2019 को मनीष ने गांधी जयंती पर नगर में साफ-सफाई करने का अनवरत संकल्प लिया।यह कार्य उनकी दिनचर्या में शामिल हो गया था। इसके लिए वह भोर में साढ़े तीन बजे उठकर सड़कों पर दौड़ लगाने के बाद तड़के पांच बजे से हाथों में झाड़ू लेकर नगर के अलग-अलग वार्डों में पहुंचते हैं। वहां फैले कूड़े के ढेर व सार्वजनिक शौचालयों की साफ सफाई करते हैं।उनका यह सेवा कार्य लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया था। जिन नगरवासियों को उनकी प्रशंसा करनी चाहिए थी उन्हीं में से कुछ लोग इतनी आलोचना करने लगे कि शिक्षक के उक्त सेवा की धार ही कुंद पड़ गयी।

कोरोना काल में लॉकडाउन के दौरान मनीष ने प्रवासी मजदूरों को भोजन, असहाय लोगों में राशन किट का वितरण किया था। सर्दी के मौसम में जरूरतमंद लोगों के लिए हर वर्ष लगाया जाने वाला नेकी की राह वाला उनका स्टॉल लगता था। इस अनूठे कार्य की सभी प्रशंसा कर रहे थे।

अब इस कस्बे में कहीं उक्त गतिविधियां नहीं दिखती।



