बाल गृह का औचक निरीक्षण, बच्चों से संवाद कर जानी व्यवस्थाएं
जनपद न्यायाधीश, जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से लिया जायजा, शिक्षा, स्वास्थ्य और साफ-सफाई पर विशेष जोर

स्वाभिमान जागरण, देवरिया।
देवरिया। जनपद न्यायाधीश धनेंद्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी एवं पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर ने संयुक्त रूप से बाल गृह (बालक) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने बाल गृह में बच्चों के पठन-पाठन, साफ-सफाई, स्वास्थ्य, पोषण, खेलकूद सहित उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न सुविधाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बच्चों से सीधे संवाद कर उनकी पढ़ाई-लिखाई, खेलकूद एवं अन्य गतिविधियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने तथा खेलकूद एवं रचनात्मक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्हें जिम्मेदार एवं अच्छे नागरिक बनने के लिए प्रोत्साहित किया।
जनपद न्यायाधीश ने कहा कि बाल गृह में रह रहे बच्चों को सुरक्षित, अनुशासित और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराना सभी की जिम्मेदारी है। बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अच्छे संस्कार और बेहतर अवसर उपलब्ध कराकर उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत की जानी चाहिए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि बाल गृह में निवासरत प्रत्येक बच्चे को शासन द्वारा अनुमन्य सभी सुविधाएं समय से उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने बच्चों के पठन-पाठन, स्वास्थ्य, पोषण, खेलकूद एवं साफ-सफाई की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए, ताकि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए बेहतर वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।
अधिकारियों ने बाल गृह के अधीक्षक एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि बच्चों के पठन-पाठन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। खेलकूद की गतिविधियों को और बढ़ावा दिया जाए तथा परिसर में नियमित रूप से साफ-सफाई बनाए रखी जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बच्चों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और शासन द्वारा अनुमन्य सभी सुविधाएं उन्हें समयबद्ध एवं सुगमतापूर्वक उपलब्ध कराई जाएं।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बच्चों से उपलब्ध सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं के संबंध में भी जानकारी ली। बच्चों ने बाल गृह में उपलब्ध कराई जा रही व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया।
इस अवसर पर अपर जिला जज, विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अर्चना, मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. ए.के. गुप्ता, प्रभारी अधीक्षक बाल गृह अशोक कुमार, सीडब्ल्यूसी के सदस्यगण सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।



