करोड़ो की लागत से बना अस्पताल, नहीं बैठता कोई डॉक्टर

स्वाभिमान जागरण संवाददाता
देवरिया। लार विकास खंड के मटियारा जगदीश में 2005-06 ई० में इस अस्पताल का निर्माण हुआ था जो इस समय अपनी किस्मत पर आंसू बहा रहा है क्योंकि यहां किसी डॉक्टर की नियुक्ति नहीं है। मजबूरी में इस गांव के साथ साथ आसपास के गांवों के लोगों को उपचार के लिए लगभग छः किमी दूर लार जाना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्र में बने इस अस्पताल पर यदि किसी डॉक्टर की तैनाती हो जाती है और नियमित रूप से उपचार की सुविधा मिलती है तो यह कई गांवों के लोगों के लिए लाभकारी साबित होगा।
प्रधान प्रतिनिधि मटियारा जगदीश संजीव कुमार ने बताया कि दो वर्ष पूर्व इस संबंध में मैंने सीएमओ देवरिया को पत्र लिखा था लेकिन समाधान नहीं हुआ आज भी अस्पताल चालू कराने को लेकर मैं प्रयासरत हूं।
प्रधान पति दोगारी मिश्र अभय कुमार मिश्र ने अस्पताल चालू कराने के लिए सीएमओ देवरिया, स्वास्थ्य मंत्री व मुख्यमंत्री को पत्र के माध्यम से अवगत कराने की बात कही उन्होंने कहा यदि उसके बाद भी किसी डॉक्टर की नियुक्ति नहीं होती है तो मैं कुछ लोगों को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करूंगा।
प्रधान पति पटनेजी अखिलेश दुबे ने बताया कि जब अस्पताल बना तो लगा कि यहां डॉक्टर रहेंगे और मटियारा, दोगारी, पटनेजी के साथ साथ आसपास के गांवों के लोग इससे लाभान्वित होंगें, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाएं ऊपर से चलती हैं और गांवों में आते आते दम तोड़ देती हैं इसका जीता जागता उदाहरण मटियारा जगदीश का यह अस्पताल है।
इस दौरान अभय मिश्र, अखिलेश दुबे, रोहित कुमार, बृजकिशोर यादव, संदीप मिश्र, वसीम अंसारी, मृत्युंजय, सोनू मिश्र आदि ग्रामीणों के साथ साथ महिलाएं भी उपस्थित रहीं।



