चित्रकूट को 15 करोड़ के पुल की सौगात, श्रेय लेने की होड़ तेज
मानिकपुर के चमरौहा में पुल निर्माण की स्वीकृति के बाद सियासत गरमाई, विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी और पूर्व विधायक आनंद शुक्ला के प्रयासों को लेकर अलग-अलग दावे

चित्रकूट । जिले के मानिकपुर क्षेत्र के चमरौहा में करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से पुल निर्माण की स्वीकृति मिलने की खबर से क्षेत्र में खुशी का माहौल है। लंबे समय से पुल की मांग कर रहे लोगों को इससे बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इस सौगात के साथ ही अब पुल की स्वीकृति का श्रेय लेने को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
जानकारी के अनुसार, मानिकपुर विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से चमरौहा में पुल निर्माण की मांग की थी। स्वीकृति की खबर सामने आने के बाद विधायक ने कहा कि जनता सब जानती है, केवल फेसबुक पर लिखने से कुछ नहीं होता। उनके इस बयान के बाद पुल निर्माण का श्रेय लेने को लेकर चल रही चर्चाओं ने और जोर पकड़ लिया है।
वहीं, पूर्व विधायक आनंद शुक्ला के समर्थकों की ओर से भी इस स्वीकृति को उनके प्रयासों का परिणाम बताया जा रहा है। आनंद शुक्ला ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त किया है। उनके समर्थक इसे चित्रकूट के लिए बड़ी सौगात बताते हुए उनके प्रयासों को महत्वपूर्ण बता रहे हैं।
इसके अलावा, अन्य नेताओं की ओर से भी पुल की स्वीकृति में अपनी भूमिका का दावा किया जा रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर इस महत्वपूर्ण परियोजना को मंजूरी दिलाने में किसकी क्या भूमिका रही?
फिलहाल, क्षेत्र की जनता के लिए सबसे अहम बात यह है कि पुल निर्माण की स्वीकृति के बाद काम कब शुरू होगा और परियोजना कब तक पूरी होगी। राजनीतिक श्रेय से इतर लोगों को उम्मीद है कि पुल बनने से आवागमन आसान होगा और क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी।


