थाना समाधान दिवस में राजस्व के सर्वाधिक मामले
पुलिसकर्मियों की भांति राजस्वकर्मियों की भी समय सीमा तय हो

लेखपाल का हल्का दो थाना क्षेत्र में बंटने से फरियादी को न्याय मिलने में विलंब
पुलिस तो 12 मिनट में पहुंच जाती है, लेखपाल 12 दिन में भी पहुंच जाएं ये व्यवस्था होनी चाहिए
स्वाभिमान जागरण संवाददाता
देवरिया। जिले के सभी थानों पर शनिवार को थाना दिवस का आयोजन हुआ। नए पुलिस अधीक्षक विक्रांत वीर के आने के बाद हर हल्के के दरोगा अलग अलग टेबल पर तैनात मिले। जिले में आज कुल 76 मामले सामने आए। इनमें से 35 का निस्तारण कर दिया गया। थाना समाधान दिवस पर सर्वाधिक पेंडिंग मामले राजस्व विभाग से संबंधित है। इसका कारण यह है कि लेखपालों का हल्का ऐसा बना है कि उनके क्षेत्र में दो थाना पड़ जाते हैं। एक लेखपाल एक समय में एक ही थाना पर उपस्थित रह पाते हैं, तो उन्हीं के हल्के के दूसरे थाने पर पहुंचे फरियादियों के मामलों का निस्तारण लेखपाल के मौजूद नहीं रहने पर नहीं संभव हो पाता। राजस्व विभाग के मामले ही ज्यादा पेंडिंग रह जाते हैं। वही फरियादी कभी थाना समाधान दिवस तो कभी तहसील दिवस का चक्कर लगाता है। कुछ राजस्वकर्मी सरकार की मंशा के विपरीत कार्य करते हुए समाधान और निदान की जगह फरियादियों को मुकदमों की भांति तारीख पर तारीख देते रहते हैं। देवरिया के सभी थानों पर ‘थाना समाधान दिवस’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के तहत पुलिस एवं राजस्व विभाग के अधिकारीगण थानों पर उपस्थित रहे और आम जनता की समस्याओं को सुना।समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमों ने मौके पर पहुंचकर कई मामलों का निस्तारण भी सुनिश्चित किया। इस कार्यक्रम के दौरान जनता से प्राप्त शिकायतों पर गंभीरता से विचार किया गया और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर हल करने का प्रयास किया गया। जिले में कुल 76 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। 35 को निस्तारित किया गया।इस अवसर पर पुलिस विभाग एवं राजस्व विभाग के संबंधित अधिकारी/कर्मचारीगण सक्रिय रूप से उपस्थित रहे। ‘थाना समाधान दिवस’ का उद्देश्य आम जनता को न्याय प्रदान करना और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। यदि वास्तव में जिस प्रकार पुलिस महकमा सक्रिय रहता है उसी प्रकार राजस्व विभाग भी उतनी ही तीव्र गति अपने कामों में ला दे तो सरकार की मंशा शत प्रतिशत सफल हो जाय।



