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गोरखपुर में पत्रकारों का होगा वेरिफिकेशन

देवरिया में पत्रकारों के सत्यापन की मांग

स्वाभिमान जागरण संवाददाता

देवरिया। गोरखपुर में फर्जी पत्रकारों पर शिकंजा कसने के लिए एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कमर कस ली है। जिले के सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने थाना क्षेत्र में सक्रिय पत्रकारों और फर्जी पत्रकारों का डेटा तैयार करें। इस खबर के बाद देवरिया में भी फर्जी पत्रकारों पर अंकुश लगाने की मांग उठी है। प्रेस यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष और भाटपार के पत्रकार विपुल तिवारी, पत्रकार एसोसियेशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता व स्वाभिमान जागरण के संपादक पांडे एन डी देहाती, पत्रकार एसोसियेशन के राष्ट्रीय महामंत्री व भागलपुर के पत्रकार उदय प्रताप सिंह ने देवरिया के पुलिस अधीक्षक विक्रांत वीर का भी ध्यान इस तरफ आकृष्ट कराते हुए देवरिया जिले में भी पत्रकारों का सत्यापन कराने की मांग की है।

गोरखपुर के एसएसपी के निर्देशों के बाद पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर वेरिफिकेशन अभियान शुरू कर दिया है। इसमें पत्रकारों के पहचान पत्र, कार्यस्थल और गतिविधियों की जांच की जा रही है। इस कदम से पुलिस यह सुनिश्चित करना चाहती है कि जिले में केवल वास्तविक और प्रमाणित पत्रकार ही कार्यरत रहें।सूत्रों के मुताबिक, इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य फर्जी पत्रकारों के खिलाफ सख्त कदम उठाना है, जो पत्रकारिता के नाम पर अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाते हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से जल्द ही ऐसे फर्जी पत्रकारों पर गाज गिरने की संभावना है। पत्रकारिता एक जिम्मेदारीपूर्ण पेशा है, और फर्जी पत्रकार समाज और कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि सही पत्रकारों को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन फर्जी पत्रकार किसी भी सूरत में बख्शे नहीं जाने चाहिए।इस कदम की जिले में सराहना हो रही है। लोग इसे सकारात्मक पहल मानते हैं, जिससे पत्रकारिता के स्तर में सुधार होगा और फर्जी पत्रकारों पर लगाम लगेगी।

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