महाराजगंज

रामचन्द्रही गांव में पर्यटन विकसित के लिए रोड़ा बनी भूमि पैमाइश

नक्शे और साक्ष्य की मदद से वन विभाग और राजस्व विभाग के जिम्मेदार भूमि पर जता रहे अपना अपना हक

 

स्वाभिमान जागरण संवाददाता अड्डा बाजार महराजगंज

सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग निचलौल वन रेंज के जंगलों से सटे ग्राम सभा रामचंद्रही में पर्यटन विकसित करने के लिए भूमि पैमाइस रोड़ा बन चुकी है। मौके पर मौजूद वन विभाग और राजस्व विभाग के जिम्मेदार नक्शे और साक्ष्य की मदद से उक्त भूमि पर अपना- अपना हक जमाते रहे। पर्यटन विकसित करने वाली कार्यदायी संस्था के जेई की मौजूदगी में पूरे दिन दोनों विभाग के जिम्मेदार नक्शा और साक्ष्य देखते और समझते ही रह गए। ऐसे में पर्यटन विकसित करने वाली भूमि पैमाइस का कोई हल नहीं निकल सका। फिर देर शाम होने के बाद कार्यदायी संस्था के जेई के साथ ही दोनों विभाग की टीम वापस लौट आई।

राजस्व विभाग के राजस्व निरीक्षक अवधेश सिंह ने पूछताछ में बताया कि राजस्व विभाग के अभिलेख में ग्राम रामचन्द्रही में करीब 20 एकड़ भूमि अतिरिक्त घोषित (सीलिंग) है। उक्त भूमि निचलौल वन रेंज से सटा हुआ है। कुछ भूमि पर झील है। जबकि कुछ भूमि खाली है। जिस पर झाड़ियों उगी हुई है। इतना ही नहीं कुछ भूमि पर फसल भी लगाई जाती है। उक्त भूमि पर पर्यटक विकसित करने के लिए निर्माण कार्य होना है। जिसकी टीम की ओर से पैमाईश किया जा रहा था। लेकिन वन विभाग उक्त भूमि पर अपना हक जमा रहा था। वही वन विभाग के निचलौल वन क्षेत्राधिकारी सुनील राव ने कहा कि रामचन्द्रही ग्राम वन विभाग के नाम 1954 में गजट हुआ था। जिसमें से 82 हेक्टेयर भूमि राजस्व विभाग के अभिलेख में अमल दरामद नहीं है। उक्त प्लाटों में राजस्व विभाग की ओर से समय- समय पर अतिरिक्त (सीलिंग) भूमि को पट्टा आदि कर दिया गया है। उसी भूमि में राजस्व विभाग की ओर से पर्यटन विकसित कार्य के लिए भूमि को चिन्हित कराया जा रहा था। जिसे वन विभाग की ओर से आपत्ति की जा रही है। क्योंकि उक्त भूमि वन विभाग की है। वही पर्यटन विकसित के लिए कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश पवार कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) के जेई आलोक रंजन और सुनील मौर्य ने बताया कि उन्हें रामचन्द्रही में पर्यटन विकसित के लिए करीब पांच करोड़ की धनराशि मिली है। पर्यटन विकसित में मुख्य भवन सहित पर्यटकों के लिए अन्य सुविधाओं का निर्माण कार्य कराना है। इतना ही नहीं यहां पर विदेशी पक्षियों का फोटोग्राफी भी होगा। लेकिन दो विभाग के बीच में अभी जमीन की उलझा हुआ है।

DSJ0081

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!