दुष्कर्म के आरोपी को बचाना थाना प्रभारी को पड़ा महंगा
पुलिस अधीक्षक ने 5 को किया निलंबित थानाध्यक्ष सहित 16 लाइन हाजिर

स्वाभिमान जागरण संवाददाता महाराजगंज
दुष्कर्म व छेड़खानी के मामले में आरोपित भारतीय जनता पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला अध्यक्ष मासूम राजा राही को बचाने के प्रयास व थाने से घर जाने देने के मामले में पुलिस अधीक्षक में सदर कोतवाल सहित नगर चौकी के प्रभारी के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की है।
प्रदेश के मुखिया तक मामला पहुंचने के उपरांत घटना के दिन से ही मामले में सुलह समझौते के लिए पीड़ित पक्ष पर दबाव बना रहे समस्त पुलिसकर्मियों को पुलिस अधीक्षक ने दंडित किया है। जिसके क्रम में चौकी इंचार्ज प्रवीण कुमार सिंह सहित पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही सदर कोतवाल रवि कुमार राय व नगर चौकी के समस्त 13 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है। सदर का कोतवाल आनंद कुमार गुप्ता को बनाया गया है।
संत कबीर नगर जनपद के मेहदावल थाना क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति द्वारा अपनी चार बेटियों व एक आठ वर्षीय पुत्र के साथ शहर के वार्ड नंबर में भाजपा नेता मासूम राजा रही के घर में किराए पर रहता था। फुटपाथ पर पानी पकौड़ी की दुकान लगाने वाले दुकानदार की बड़ी बेटी के साथ बीते 28 अगस्त को भाजपा नेता ने दुष्कर्म किया। वहीं छोटी बेटी के साथ भी लगातार छेड़खानी कर रहा था पीड़ित व्यापारी ने जब इस कृत्य का विरोध किया तो, आरोपित ने उसकी पिटाई कर दी।
भाजपा नेता की इस करतूत पर पीड़ित ने नगर चौकी पहुंचकर आरोपित के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की, परंतु कार्यवाही के बजाय सत्ता के प्रभाव में आकर पुलिस ने सुलह समझौता कराते हुए दोनों पक्षों को शांति भंग में पाबंद कर दिया। पुलिस से न्याय न मिलने के कारण पीड़ित का परिवार भय ग्रस्त हो गया। शाम को रहस्यमय परिस्थितियों में पीड़िता के पिता की तबीयत बिगड़ गई। गंभीर स्थिति में उसे जिला चिकित्सालय और वहां से शहर के प्राइवेट चिकित्सालय में भर्ती कराया गया जहां 31 अगस्त को उसकी मृत्यु हो गई। मृत्यु के बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया जिसमें मृत्यु का कारण स्पष्ट नहीं होने पर चिकित्सकों ने विसरा सुरक्षित कर दिया।
5 सितंबर को मृतक की बड़ी बेटी की तहरीर पर पुलिस ने आरोपित भाजपा नेता के विरुद्ध दुष्कर्म, छेड़छाड़,
एससी एसटी व पास्को एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। बताया जाता है कि इस दौरान पूरी तरह से पुलिस भाजपा नेता के प्रभाव में जाकर मामले को दबाने में लगी रही। 5 सितंबर को ही आनंन फानन में बड़ी बेटी का 161 का बयान भाजपा नेता के पक्ष में करा दिया गया।6 सितंबर को न्यायालय में भी पीड़िता ने आरोपित के पक्ष में ही बयान दिया। जिससे पुलिस की कार्यवाही पक्षपात पूर्ण दिखने लगी थी। इसी मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक डॉक्टर कौस्तुभ ने थाना इंचार्ज सहित अन्य पुलिस कर्मियों को निलंबित व लाइन हाजिर करके नए कोतवाल व पुलिस चौकी प्रभारी की नियुक्ति कर दी है। इस मामले में जिन पुलिस कर्मियों का की कर्तव्य निष्ठा संदिग्ध है उनसे भी थाने पर पूछ ताछ जारी है। प्रकरण में चौकी प्रभारी प्रवीण कुमार सिंह आरक्षी आबिद अली, अखिलेश यादव, अखिलेश चौधरी और प्रियंका यादव को निलंबित कर दिया गया साथ ही सदर कोतवाल रवि राय, मुख्य आरक्षी विश्वनाथ यादव भानु प्रताप सिंह अशोक कुमार, सुनील कुमार, विनोद कुमार आरक्षी मनीष कुमार गौड़ चंद्रसेन शाह, गोविंद कुमार, अनिल कुमार, धीरज कुमार, प्रमोद सिंह, वीरेंद्र यादव और धनंजय यादव को लाइन हाजिर कर दिया गया।



