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देवरिया में साइबर क्राइम का भंडाफोड़, एक गिरफ्तार

साइबर पुलिस, एसओजी को मिली सफलता

स्वाभिमान जागरण देवरिया

जिले में एक चौकाने वाले मामले का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। मईल थाना के कुंडौली के युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

देवरिया थाना साइबर पुलिस, एसओजी व बीएसएनएल कार्यालय देवरिया की संयुक्त टीम द्वारा सिमबॉक्स का प्रयोग कर अंतर्राष्ट्रीय कॉल को लोकल कॉल में बदलकर फर्जी रूप से आर्थिक लाभ कमाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया गया। आरोपी के पास से भारी मात्रा में सिमबाक्स व सिम कार्ड, एण्टीना, लैपटाप, राउटर आदि बरामद हुआ। इस मामले में तेज नारायण सिंह पुत्र हंसनाथ सिंह हाल मुकाम रामगुलाम टोला संकटमोचन गली थाना कोतवाली जनपद देवरिया, मूल पता ग्राम कुण्डौली थाना मईल जनपद देवरिया से पूछ-ताछ के दौरान यह पाया गया कि वह मारिशस में 2015 से 2022 तक रहकर इलेक्ट्रीशियन का काम करता था। वहां पर इसे बंग्लादेशी नागरिक जो अपना नाम आदिल अहमद व समीर बताते थे,और उनके द्वारा ही बताया गया कि विदेश से भारत में बात करने का ज्यादा पैसा लगता है, इससे अगर तुम्हें जल्दी और ज्यादा पैसा कमाना है तो अपने यहां सिमबाक्स लगाकर कमा सकते हो। तब अभियुक्त तेज नरायण सिंह ने वहीं पर पूरी तकनीकी जानकारी ले ली। आदिल अहमद व समीर द्वारा अभियुक्त तेज नरायण सिंह से बताया गया कि हम लोगों का एक आदमी कोलकाता में मिलेगा और वह सिमबाक्स और भारतीय सिम देगा, फिर तुम अपना काम कर सकते हो। अभियुक्त तेज नरायण सिंह मारिशस से वापस भारत आने पर कोलकाता गया और आदिल अहमद व समीर द्वारा बताये गये व्यक्ति से अभियुक्त तेज नरायण सिंह उपरोक्त द्वारा जरिए ह्वाट्सप काल पर बात किया गया तो उस व्यक्ति ने सिमबाक्स व सिम लाकर अभियुक्त तेज नरायण सिंह को उपलब्ध करा दिया। उसके बाद अभियुक्त तेज नरायण सिंह द्वारा सिमबाक्स को एम्पलीफायर के रूप में डिजायन करके कोलकाता से अपने घर लाया । फिर जैसा मारिशस में सिखा था, वैसे ही सभी सिमबाक्स को इन्टरनेट से कनेक्ट करके चालू कर दिया । इसके बाद अभियुक्त तेज नरायण सिंह के नंबर पर समीर भाई द्वारा ह्वाट्सप पर लिंक और आईडी पासवर्ड भेजा जाता था, जिस लिंक को अभियुक्त तेज नरायण सिंह द्वारा गूगल क्रोम पर सर्च किया जाता था तो एक साइट ओपेन होती थी, जिसमें समीर भाई द्वारा भेजे गए आईडी पासवर्ड से एकाउन्ट लॉगिन होता था, जिसके बाद सिमबाक्स में लगे सिम एक्टिव हो जाते थे, जिसका उपयोग अंतर्राष्ट्रीय VOIP(Voice over Internet Protocol) कॉल को सामान्य कॉल में परिवर्तित करके फर्जी रूप से आर्थिक लाभ लिया जाता था। अभियुक्त के पास से उक्त फर्जी काम में प्रयोग किए जा रहे 6 सिम बाक्स, 6 वाई-फाई राउटर, एक नेट स्टार फास्ट (ईथरनेट डेस्कटॉप स्वीच बाक्स), एक जीयो वाई-फाई राउटर, एक एयरटेल वाई-फाई राउटर, 43 एण्टीना (बड़ा) सिम बाक्स, 219 सिम(बीएसएनएल), 169 एण्टीना(छोटा) सिम बाक्स, 7 सिम बाक्स एडॉप्टर, 8 वाई-फाई राउटर एडाप्टर, 7 लैन केबल पीला रंग, 5 लैन केबल सफेद रंग, 2 यूएसबी केबल नीला रंग, 1 एम्पलीफायर कवर बाक्स, तीन मोबाइल, 2 पासबुक(एचडीएफसी बैंक), 2 पासबुक एसबीआई बैंक, 9 चेकबुक एच़डीएफसी बैंक, 11 एच़डीएफसी बैंक का एटीएम कार्ड, एक आधार कार्ड अभियुक्त का, एक लैपटॉप (डेल कम्पनी) व एक लैपटॉप( तोशिबा कंपनी) बरामद किये गये। जिसके सम्बन्ध में थाना साइबर क्राइम देवरिया पर मु0अ0सं0 18/2025 धारा 318(4), 319(2), 340(2) बीएनएस, धारा 3,6 भारतीय बेतार तार यांत्रिकी अधिनियम 1933 व धारा 42(1), 42(3)(ग)(ड़)(च) दूरसंचार अधिनियम एवं 66-सी, 66-डी आईटी एक्ट का अभियोग पंजीकृत करते हुए नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है। आरोपी को गिरफ्तार करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार थाना साइबर क्राइम देवरिया, दरोगा विनायक सिंह, एस ओ जी के दरोगा विनय सिंह आदि रहे।

 

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