जलसा दस्तारबंदी का हुआ आयोजन

देवरिया,
जलसा दस्तारबंदी का हुआ आयोजन
नौ बच्चों को पगड़ी बांध कर किया गया सम्मानित
लार के रामनगर स्थित दारुल उलूम मोहम्मदिया में हुआ आयोजन
लार क्षेत्र के रामनगर में जलसा दस्तारबंदी का आयोजन किया गया जिसमें हिफ्ज़ पुरी कर चुके नौ बच्चों को पगड़ी बांधकर सम्मानित किया गया, व उन्हें हाफिज की उपाधि प्रदान की गई। जलसे की शुरुआत मौलाना मोहम्मद रज़ा ने कुरान की तिलावत से की इसके बाद नाते मुस्तफा का सिलसिला चला फिर तक़रीर शुरू हुई। इस दौरान मौलाना कमाल अहमद ने कहा कि आज के दौर में पढ़ाई बहुत जरूरी है उन्हों ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि अपने बच्चों को आप जरूर पढ़ाए दीन के साथ साथ दुनिया की शिक्षा भी जरूरी है ताकि बड़ा होकर आप का बच्चा सही और गलत में फ़र्क समझ सके। अच्छे और बुरे का उसे एहसास हो। एक व्यक्ति ये सब तभी जान सकता है जब वह शिक्षित होगा । उन्होंने कहा कि इस्लाम में शिक्षा को बहुत महत्व दिया गया है और आज हमारी ही कौम शिक्षा में सबसे पीछे है शिक्षा के बारे में हमारे नबी मोहम्मद साहब से कहा है कि अगर शिक्षा लेने के लिए तुम्हे चीन भी जाना पड़े तो जाओ लेकिन इल्म हासिल करो। उन्होंने कहा कि मां के कदमों के नीचे जन्नत है, उन्होंने नौजवानों से अपील किया कि माँ की इज्ज़त करना सीखो क्यों कि मां का मक़ाम बहुत बड़ा है।
उन्होंने मां के लिए एक शेर कहा,
किसी को घर मिला हिस्से में,
किसी के हिस्से में मकान आई,
मैं घर में सबसे छोटा था,
मेरे हिस्से में मां आई।
मदरसे के मैनेजेर हाजी इम्दादुल्लाह एडवोकेट ने आये हुए सभी लोगों का स्वागत किया, उन्होंने भी शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस दौर में शिक्षा सबसे अहम चीज है, उन्हों ने लोगों से मुखातिब होते हुए कहा कि लोग हुक़ूमत पर इल्ज़ाम लगाते हैं और खुद की कमियों को नहीं देखते, उन्होंने कहा कि किस हुक़ूमत ने आपको शिक्षा से रोका है, लोग खुद इल्म हासिल नहीं करते और हुक़ूमत को दोषी ठहराते हैं, इल्म हासिल करो अपने बच्चों को पढ़ाओ अपना मोहासबा खुद करो।
इस दौरान मोहम्मद सईद अख्तर, मौलाना अशफाक अहमद, मौलाना शफ़ीक़ अहमद, मुफ़्ती अफजल हुसैन, हाफिज मोहम्मद रज़ा, वाहिद रज़ा, मौलाना अब्दुर्रहमान, कारी गुलाम आसी, इम्तियाज अहमद, वकील अहमद, सईद अहमद, अज़हर हुसैन, इम्तियाज़ अहमद, मनउवर अंसारी आदि अध्यापकगण व सैकड़ो की संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।¨



