देवाश्रम मठ लार पर विवाद गहराया, पूर्व महंत स्वामी अभयानन्द गिरी पर केस
शिक्षण संस्थाओं के अभिलेख न देने का आरोप

स्वाभिमान जागरण देवरिया। देवाश्रम मठ लार में महंत पद के विवाद में शुक्रवार को एक नया मोड़ आया। देवाश्रम मठ लार के महंत स्वामी भगवान गिरी ने अपने शिष्य व पूर्व महंत अभयानन्द गिरी के खिलाफ लार थाने में एक केस दर्ज कराया है। पुलिस पूर्व महंत स्वामी अभयानन्द गिरी की तलाश में मठ परिसर में गयी थी लेकिन वे मिले नहीं। आरोप है कि देवाश्रम मठ लार से जुड़ी शिक्षण संस्थाओं के कई अभिलेख पूर्व महंत स्वामी अभयानन्द गिरी लेकर कहीं चले गए हैं।
महंत स्वामी भगवान गिरी ने पुलिस को दिए तहरीर में आरोप लगाया है कि हमने 25-05-2025 को अभयानन्द गिरि के पक्ष में मुख्तारनामा लिखा था, जिससे वे मेरे कार्यों का देख-रेख करते थे। जब मैं इलाज हेतु नांन्देड जा रहा था तो उस समय में स्वामी देवानन्द पीजी कालेज मठ-लार, स्वामी देवानन्द संस्कृत महाविद्यालय, मठ-लार, स्थायी देवानन्द इण्टरमीडिएट कालेज मठ-लार, श्रीदेव राष्ट भाषा लघु मा विद्यालय मठ-लार एवं स्वामी चन्द्रशेखर गिरि बालिका विद्यालय मठ-लार की पत्रावली अभयानन्द गिरि को देकर गया था, उस अभिलेख के माध्यम से वे दिनांक 20-02-2026 तक विद्यालयीय कार्यवाही का संचालन करते रहे। जब मैं 23-02-2026 को अपना मुख्तारनामा रद्द कर के आश्रम पर पहुँचा तो वहाँ से उक्त विद्यालयों की पत्रावली (कार्यवाही रजिस्टर, सा० सभा बैठक रजिस्टर, सदस्य रसीद, नवीनीकरण प्रमाण-पत्र, एवं अन्य महत्वपूर्ण पत्रावलिया) नही मिली, जो श्री अभयानन्द गिरि लेकर चले गये थे, मांगने पर देने से इंकार कर रहे है। उनका आचरण मेरे एवं अखाड़े के प्रति सही नहीं रहा, इन्ही कारणों से पंचायती महानिर्वाणी आखाड़ा ने इन्हे 10-4-2026 को महन्त पद से निष्कासित कर दिया।
पुलिस ने स्वामी अभयानन्द गिरी के खिलाफ सुसंगत धाराओं में केस दर्ज कर लिया है और आवश्यक कार्रवाई में जुट गयी है।
इस संबंध में जब पूर्व महंत स्वामी अभयानन्द गिरी से उनका पक्ष जानने के लिए स्वाभिमान जागरण संवाददाता ने उनका मोबाईल मिलाया तो कई घंटी जाने के बाद भी उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।



