ग्राम प्रधान पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, ग्रामीणों ने खोला मोर्चा
खखरेरू फतेहपुर धाता विकासखंड की ग्राम सभा चांदपुर औढेरा में विकास कार्यों में धांधली और सरकारी धन के बंदरबांट के आरोपों को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान और उनके प्रतिनिधियों पर मनरेगा से लेकर निर्माण कार्यों तक में अनियमितता के गंभीर आरोप लगाते हुए उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों द्वारा हस्ताक्षरित शिकायती पत्र में ग्राम प्रधान मनीषा देवी व उनके प्रतिनिधियों पर आरोप लगाया गया है कि गांव के विकास के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2022 से कई मनरेगा जॉब कार्ड निरस्त कर दिए गए, जबकि जिन कार्यों को मजदूरों से कराया जाना चाहिए था, उन्हें कथित रूप से जेसीबी मशीनों से कराकर मजदूरों का हक छीना गया और सरकारी धन का गबन किया गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि कागजों में विकास कार्य पूरे दिखाए गए हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग है। हैंडपंप मरम्मत, नाली निर्माण और तालाब खुदाई जैसे कार्यों में अनियमितता का दावा किया गया है। इसके अलावा सरकारी आवास योजनाओं में अपात्रों को लाभ देने और धन उगाही के आरोप भी लगाए गए हैं।
शिकायतकर्ताओं मोहम्मद अशफाक, उत्तम कुमार और भोले सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ। अब ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।



