स्वास्थ्य योजनाओं में लापरवाही पर डीएम सख्त, संबंधित अधिकारियों को नोटिस।

स्वाभिमान जागरण संवाददाता महाराजगंज।
महराजगंज जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की प्रगति पर नाराजगी जताते हुए खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में उन्होंने आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड, एनसीडी स्क्रीनिंग, आभा आईडी, संस्थागत प्रसव, ई-संजीवनी सहित विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा की। ई-संजीवनी पोर्टल पर शून्य टेली-कंसल्टेशन करने वाले चिकित्साधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश देते हुए डीएम ने कहा कि प्रत्येक चिकित्साधिकारी प्रतिदिन कम से कम पांच टेली-कंसल्टेशन अवश्य करें। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरेंदा के प्रभारी चिकित्सा
अधिकारी डॉ. एम.पी. सोनकर की विभिन्न योजनाओं में खराब प्रगति पर उन्हें चेतावनी पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए। वहीं आयुष्मान
गोल्डन कार्ड निर्माण में अपेक्षित प्रगति न मिलने पर फरेंदा, सिसवा और परतावल के बीसीपीएम को भी नोटिस जारी करने को कहा गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जुलाई तक एनसीडी स्क्रीनिंग का कम से कम 32 प्रतिशत लक्ष्य पूरा किया जाए। प्रत्येक ऑपरेटर प्रतिदिन 10 लाभार्थियों की ई-केवाईसी और पांच नए आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाए। उन्होंने एसएनसीयू से डिस्चार्ज बच्चों का शत-प्रतिशत फॉलोअप, दस्तक अभियान के दौरान अधिक से अधिक आभा आईडी बनाने, जननी सुरक्षा योजना के लंबित मामलों का तत्काल निस्तारण तथा आशा भुगतान की समीक्षा करने के निर्देश दिए। बैठक में 1 जुलाई से शुरू होने वाले संचारी रोग उन्मूलन अभियान को प्रभावी ढंग से चलाने, स्वच्छता अभियान तेज करने तथा घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने पर भी जोर दिया गया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नवनाथ प्रसाद सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

