
देवरिया जिले में चोरों की दहशत के बीच बीत रही रात
सरकार चौकीदारों को देती है ढाई हजार महीना तो चौकीदारी क्यों नहीं कराई जाती?
देवरिया जिले में चोरों को लेकर लोगों में दहशत है। लोग रतजगा कर रहे हैं। लार में एक शर्मा परिवार के यहां कथित लूटपाट हुई। इसी थाना क्षेत्र के संजाव गांव में बदमाश देखे गए । संजाव में ग्रामीण पहरा के लिए गांव की गलियों में निकल गए। आवाज सुनकर हल्के के सिपाही भी गांव में पहुंच गए। एक सप्ताह से जिले में चोरों के आने को लेकर लोगों में दहशत है। कस्बा से लगायत गांव तक लोग रात को घर की रखवाली कर रहे हैं। लार के इटहुरा में मुकुंद यादव की भैंस खोल रहे चोरों को ग्रामीणों ने दौड़ाया। सरकार गांव के चौकीदारों को ढाई हजार रुपए महीने मानदेय देती है। लोगों का आरोप है कि चौकीदार कभी गांव में चौकीदारी नहीं करते। यहां तक कि पुलिस को घटनाओं की सही जानकारी भी नहीं देते। स्कूलों के बर्तन, गैस सिलिंडर, टूल्लु पंप, सोलर प्लेट, हैंडपंप आदि छोटी चोरियों पर तो पुलिस ध्यान भी नहीं देती। अब घरों में नकदी और गहनों की चोरी पर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक से मांग कर रहे कि रात्रिकालीन गस्त बढाई जाय और चौकीदारों से गांव की चौकीदारी कराकर उनकी भी सेवा ली जाय।
जिले में चोरों के दहशत के बीच अराजक स्थिति भी बन गई है। कहीं किसी को पकड़ कर लोग पीट दे रहे हैं। बरियारपुर थाना क्षेत्र में झारखंड के एक मजदूर को चोर समझ कर लोगों ने पेड़ में बांध कर पिटाई की।
खुखुंदू में पहरा देते युवकों ने जिगिनी गांव के लोगों को चोर समझ कर दो मजदूरों को पकड़ लिया और उनकी पिटाई की। भटनी के डेमुसा में भी लोगों ने एक युवक की पेड़ में बांध कर पिटाई की, जबकि वह गांव के बगल का ही रहने वाला है। सोमवार की रात खुखुंदू गांव के जैन मंदिर रोड में अचानक युवकों ने संदिग्धों के आने की सूचना दी। जिसके बाद युवक हाथ में डंडा लिए निकल पड़े। चारों तरफ जागते रहो, जागते रहो। धरिहे, घेरिहे, पकड़िहे के शोर के बीच रातों की चैन गायब हो चुकी है। नागरिकों ने पुलिस अधीक्षक से रात्रिकालीन गस्त बढ़ाने और चौकीदारों से गांव की चौकीदारी कराने की मांग की है।




