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मंदिर की विवादित जमीन का स्थलीय निरीक्षण करने पहुंचा राजस्व विभाग

तीन दशक में कोर्ट में चल रहा है मामला

मंदिर की विवादित जमीन का राजस्व विभाग ने किया स्थलीय निरीक्षण

तीन दशक में कोर्ट में चल रहा है मामला

स्वाभिमान जागरण संवाददाता

देवरिया। सरकारें बदल जाय लेकिन कोर्ट कचहरी की कार्य संस्कृति नहीं बदले तो इस बदलाव को आप किस नजरिए से देखेंगे? देवरिया जिले के लार कस्बा के मठ वार्ड में स्थित आर्य समाज मंदिर की जमीन लगभग तीन दशक पहले तत्कालीन कमेटी के सदस्यों ने चंदा जुटाकर मंदिर के नाम से रजिस्ट्री करा लिया उसकी खारिज दाखिल अभी भी लटकी है। बैनामा के बाद विक्रेता का जमीन पर पुनः काबिज हो गया। इसको लेकर मामला कोर्ट में चला गया। लगभग 3 दशकों से चला आ रहा विवाद आज भी लंबित है।मौके पर  यथा स्थिति में रहना चाहिए, लेकिन एक पक्ष कुछ न कुछ मौके पर करता रहता है।  कमेटी के लोगों ने इस मसले को नगर पंचायत अध्यक्ष से भी अवगत कराया है लेकिन फिर भी मामला ठन्डे बस्ते के होने के कारण आर्य समाज लार के अध्यक्ष राजकुमार गोस्वामी ने मामले के जल्द निस्तारण के लिए गत दिनों मुख्यमंत्री के दरबार मे अपनी अर्जी लगाई ।

मुख्यमंत्री के जनता दरबार लार कस्बे के आर्य समाज मंदिर का मामला पहुंचने पर उन्होंने प्रशासन को स्थलीय निरीक्षण कर मामले के निस्तारण का निर्देश दिया। गुरुवार को सलेमपुर तहसील के राजस्व विभाग के अधिकारी नायब तहसीलदार गोपाल जी के नेतृत्व में मौके पर पहुंचकर मामले का स्थलीय निरीक्षण किए। आर्य समाज ने अपने बैनामा का कागज दिखाया तो दूसरे पक्ष ने बैनामा मनसुखी का जो वाद दाखिल किया है उसे दिखाया। राजस्व विभाग के सामने यह बात आई कि यह मामला कुछ कोर्ट में लंबित है।

इस दौरान दोनों पक्ष के बीच शोर शराबा होता रहा। रिपोर्ट बनाकर राजस्व विभाग अपनी रिपोर्ट आगे भेज देगा।

आर्य समाज द्वारा मुख्यमंत्री को दिए प्रार्थना पत्र कुछ इस तरह है – 

सेवा में श्रीमान, मुख्यमंत्री महोदय उत्तर प्रदेश सरकार (लखनऊ) विषय- आर्य समाज मंदिर लार की रजिस्ट्री (बैनामा) जमीन की ख़ारिज दाखिल के लिए सी ओ चकबन्दी देवरिया एवं डी सी सी देवरिया के यहां लंबित वाद को शीघ्र निस्तारण हेतु निर्देश के संबंध में- महोदय सादर अवगत कराना है कि गनी पुत्र गोगा 11-5-1966 ई0 को 12 डिसमिल जमीन आर्य समाज मंदिर के नाम बैनामा किया। तत्कालीन आर्य समाज मंदिर के पदाधिकारी खारिज दाखिल नहीं करा पाए। जिसके कारण विक्रेता का नाम अभिलेख में चला आ रहा था। जिसका लाभ लेकर उसके वारिसान उक्त बैनामा की जमीन पर काबिज हो गए। काबिज को देखकर आर्य समाज लार के पदाधिकारी सी ओ चकबंदी के यहां खारिज दाखिल के लिए वाद दाखिल किए जो कई वर्षों से लंबित चला आ रहा है। जिसके संबंध में आपके गोरखपुर कार्यालय में आवेदन गत 6 फरवरी 2023 व 12 मार्च 2023 को दिया गया। जिसका निर्देश चकबंदी सीओ देवरिया को आया लेकिन कार्यवाही मन्द गति से हो रही है एवं डीसीसी देवरिया के यहां भी आर्य समाज लार से संबंधित वाद लंबित है। अतः श्रीमान जी से निवेदन है कि चकबंदी  सीओ देवरिया एवं डीसीसी देवरिया के वहां लंबित वादों को शीघ्र निस्तारण हेतु निर्देशित करने की कृपा करें। निवेदक- राजकुमार आर्य (प्रधान) आर्य समाज लार ।

 

 

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