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दस वर्षों के भीतर दो बार दिखी स्याही नदी में पानी 

जल स्तर में सुधार से दर्जनों गांव के लोग प्रसन्न

मकसूद अहमद भोपतपुरी/ ब्यूरो प्रभारी

भाटपार रानी। तहसील क्षेत्र के दर्जनों गांवों से होकर गुजरने वाली स्याही नदी में विगत दस वर्षों के भीतर दो बार ही पानी दिखाई दी है। इधर कुछ दिनों से स्याही नदी में पानी की धारा बहते हुए देखकर नदी के तटवर्ती गांवों के लोग काफी खुश हैं।लोगों का कहना है कि यह एक सुखद संयोग है कि स्याही नदी में पानी दिख रही है। बता दें कि स्याही नदी कुशीनगर जिले से होकर बिहार के गोपालगंज जिला में प्रवेश करती है। वहां से देवरिया जिले में प्रवेश कर पुनः बिहार के सिवान जिले में प्रवेश कर जाती है।अंत में जाकर वह घाघरा नदी में मिल जाती है। यह नदी भाटपार रानी तहसील क्षेत्र के दर्जनों गांवों से होकर निकलती है जो बिहार के सिवान जिले के मैरवा में झरही नदी में विलीन हो जाती है। वहां से यह नदी सिवान जिले के दरौली स्थित घाघरा नदी में समाहित हो जाती है।भाटपार रानी तहसील क्षेत्र के जिन गांवों से होकर यह नदी गुजरती है, उसमें खेमीपुर, करजनिया, चकिया कोठी, राजपुर, भेड़वा, भोपतपुरा, जयसौली, भगतौली, नरकटिया, गुलहां, कडसरवा बुजुर्ग, बहेरा टोला, ब्रह्मपाली, नवादा, पड़री बाजार, बड़हरिया, नियरवां,सिकटिया, चफवाँ कला,रतसियां,इंदरवा आदि गांव शामिल हैं। स्याही नदी में पानी सूखने के चलते इसके तटवर्ती गांवों में हैंडपंपों का जलस्तर भी काफी नीचे चला जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि 10 वर्षों से अधिक समय पहले स्याही नदी में पानी दिखा था।वहीं तकरीबन दो दशक पहले इस नदी में हर मौसम में थोड़ा बहुत पानी रहता था। लेकिन लगातार एक दशक से अधिक समय तक बरसात के महीने में भी स्याही नदी में पानी नहीं दिखा। वहीं पिछले साल बरसात बीतने के बाद स्याही नदी में पानी दिखा था। लेकिन 10 दिनों के भीतर वह अपनी पुनः सूख गया। इस साल भी अभी एक सप्ताह पहले स्याही नदी में पानी का प्रवाह देखकर लोग आश्चर्य में पड़ गए।इस समय स्याही नदी में पानी दिख रही है। लोगों का कहना है कि नारायणी नदी का अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के चलते स्याही नदी में पानी दिख रही है। जबकि पूरे बरसात के मौसम में भी स्याही नदी में एक बूंद पानी भी नहीं देखी गई।इस समय स्याही नदी में पानी का होना पटवर्ती गांवों में चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं इसके किनारे बसे हुए लोग काफी खुश हैं। ग्रामीणों का कहना है कि स्याही नदी में पानी आने से तटवर्ती गांवों में हैंडपंपों का जलस्तर में काफी सुधार होगा। लोग यह कहते हुए सुने जा रहे हैं कि काश! पहले की तरह स्याही नदी में पानी की धारा यूं ही सदैव बनी रहती।

Dainik Swabhiman Jagran

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