पुलिया के नीचे से पुलिस ने बरामद किया दर्जनों पन्नियों में पैक संदिग्ध मांस
लार थाना के कुंडावल तारा की घटना

पुलिस ने बरामद मांस को जांच के लिए भेजा
ग्रामीणों ने घटना स्थल के समीप रह रहे खानाबदोश लोगों का डेरा उखाड़ कर भगाया
स्वाभिमान जागरण संवाददाता
देवरिया। जिले के लार थाना क्षेत्र के कुंडावल तारा जाने वाली सड़क की पुलिया के नीचे दर्जनों पन्नियों में पैक कर फेंके गए संदिग्ध मांस को पुलिस ने बरामद किया। जांच के बाद ही पता चलेगा कि मांस किस प्राणी का है। घटना स्थल के समीप अस्थाई तौर पर अपना डेरा डाल कर एक महीने से रह रहे खानाबदोश परिवारों के डेरे को आक्रोशित ग्रामीणों ने उखाड़ फेंका। ग्रामीणों का कहना है कि ये कृत्य इन्हीं लोगों ने किया है।
बुधवार की शाम लगभग साढ़े पांच बजे लार थाना क्षेत्र के हरखौली -कुंडावल तारा पिच मार्ग पर पुलिया में मांस के टुकड़े मिलने से सनसनी फैल गई। राहगीरों ने कुत्तों द्वारा नोच रहे मांस के लोथड़ों को देखा तो मुंहा मुही बात चारों तरफ फैल गई। बोटी बोटी करके प्लास्टिक की दर्जन भर पन्नियों में रखे मास को लेकर तरह तरह की चर्चा होने लगी। ग्रामीणों ने आशंका व्यक्त किया कि यह मांस प्रतिबंधित पशु का है। घटना स्थल पर खरका तुला, हरखौली, कुंडावल तारा के सैकड़ों लोग जुट गए। किसी ने पुलिस को सूचना दी। घटना की सूचना मिलते ही लार के प्रभारी निरीक्षक उमेश बाजपेई, इंस्पेक्टर राम बच्चन यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच कर कर मांस के लोथड़ों को कब्जे में ले लिए। पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी। प्रयोगशाला में जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि मांस किस चीज का है।
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मऊ जनपद के कुछ संदिग्ध इन डेरों पर अक्सर आते हैं
ग्रामीणों के अनुसार खरका नरसिंह बाग में बुधवार को दोपहर अपाची से कुछ युवक आए थे। अपाची का नंबर मऊ जनपद का था। जहां अपाची सवार आए थे , वहां खानाबदोश टाइप के कुछ लोग अस्थाई तौर पर टेंट डालकर लगभग एक माह से रहते हैं। इनकी गतिविधि संदिग्ध लगने पर ग्रामीणों ने उनके डेरे उखाड़ फेंके।
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अस्थाई रूप से रहने वाले लोहा नट को अभी चार रोज पहले ही गैंगस्टर के मामले में तीन वर्ष की कठोर सजा हुई है।ताज्जुब है कि न जाने कहां के रहने वाले लोहा नट को पुलिस ने अपने लिखापढ़ी में हरखौली गांव का निवासी सिद्ध कर दिया।इसके पूर्व एक घटना में नट परिवारों ने कुंडावल तारा के एक व्यक्ति को गोली मारी थी। संयोग से रविन्द्र प्रसाद के पैर में गोली लगी थी। तत्कालीन थानाध्यक्ष भीष्मपाल सिंह यादव ने इस मामले में लोहा नट और उसके एक रिश्तेदार को आरोपी बनाया था। घटना तब हुई थी जब कुंडावल तारा गांव के पूरब स्थित अवैध शराब के अड्डे पर शराब पीने को लेकर विवाद हुआ था।



