LIVE TVउत्तर प्रदेशदेवरियाब्रेकिंग न्यूज़

पत्रकारों ने एसडीएम को पत्रक देकर बीच खेत से ग्यारह हजार की लाइन खींचे जाने की योजना का किया विरोध

प्रेस यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष विपुल तिवारी का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं - पत्रकार संगठन

पत्रकार एसोसियेशन के राष्ट्रीय महामंत्री ने कहा – गुंडई से पोल गाड़ना है तो हमारी लाश पर गाड़ दो

ज्यादती बर्दाश्त नहीं करेंगे, विकल्प तलाशे ठेकेदार – पांडे एन डी देहाती

स्वाभिमान जागरण संवाददाता

देवरिया। इन दिनों विभिन्न तरीकों से आए दिन पत्रकारों का उत्पादन हो रहा है। नया मामला जिले के भाटपार क्षेत्र के भटवा तिवारी गांव का है। गांव के विपुल तिवारी सम्मानित समाचार पत्र अमर उजाला के पत्रकार हैं और प्रेस यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष हैं। पत्रकार विपुल तिवारी को परेशान करने के लिए उनके बीच खेत में पांच बिजली के खंभे गाड़कर ऊपर से ग्यारह हजार की लाइन खींचने की योजना संबंधित ठेकेदार ने बना दिया है। विपुल तिवारी जी खेत में शिक्षण संस्थान खोलने के लिए स्कूल भवन के निर्माण की तैयारी में थे, इस बीच जब उन्हें जानकारी हुई कि खेत के ऊपर से ग्यारह हजार की लाइन जाने वाली है तो उन्होंने ठेकेदार से अपनी आपत्ति जताई।

सोमवार को जब इस बात की जानकारी पत्रकारों को हुई तो भाटपार में पत्रकारों ने एक बैठक कर विपुल तिवारी के उत्पीड़न के खिलाफ लामबंद हो गए। पत्रकार प्रदर्शन करते हुए भाटपार तहसील में पहुंचे। पत्रकारों ने भाटपार के एसडीएम और पुलिस उपाधीक्षक को अपनी पीड़ा बताया और ज्ञापन देकर अपना विरोध प्रकट किया। एसडीएम रत्नेश तिवारी व सीओ एसपी सिंह ने आश्वस्त किया कि इस मामले में विचार कर वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी, पत्रकार के साथ ज्यादती नहीं होगी।

बैठक में  पहुंचे पत्रकार एसोसियेशन के राष्ट्रीय महामंत्री यूपी सिंह ने कहा कि शासन-प्रशासन के कार्यों व नीतियों को जनता तक पहुंचाने में पत्रकारों की अहम भूमिका होती है।उन्होंने कहा कि यदि पत्रकार विपुल तिवारी की निजी जमीन में विद्युत पोल लगने से रोका नहीं गया तो आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। ठेकेदार को गुंडई के बल पर पोल गाड़ना है तो हमारी लाश पर गाड़े। हम मामले को प्रेस कौंसिल तक ले जायेंगे। वरिष्ठ पत्रकार और स्वाभिमान जागरण के संपादक ने कहा कि सरकार पत्रकारों की सुरक्षा के लिए कटिबद्ध है। पत्रकार साथी को परेशान किया जा रहा है, तो हम सभी चुप नहीं बैठेंगे। ठेकेदार को दूसरा विकल्प तलाशना चाहिए। जबरदस्ती किसी साथी के बीच खेत में पांच पांच पोल और ऊपर ग्यारह हजार का तार खींचकर, और नीचे भूमि स्वामी पत्रकार कोई निर्माण न कर पाए इस प्रकार की कुत्सित मंशा यदि कोई पाल रखा है तो यह मंशा पूरी नहीं होने दी जाएगी। बैठक में मुख्यरूप से पीड़ित पत्रकार विपुल तिवारी, मोहित शुक्ला, वीरेंद्र पांडेय मुन्ना, कामेश वर्मा, शैलेश उपाध्याय, करन यादव, रामनाथ विद्रोही, तारकेश्वर गुप्ता,अनिरुद्ध गुप्ता, मक़सूद अहमद भोपतपुरी, डॉ राजेश दीक्षित, अमानत अंसारी, पुरुषोत्तम पांडेय,विजेंद्र यादव,राघवेंद्र पांडेय,विनीत मिश्र अंकित,असलम परवेज आदि पत्रकार मौजूद रहे।

 

 

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!