LIVE TVअपराधउत्तर प्रदेशब्रेकिंग न्यूज़राज्य

सड़क पर पुलिस और कांटा देख 60 की स्पीड में बैक गेयर में भागा संदिग्ध स्कॉर्पियो चालक

वाहन में शराब लोड होने की आशंका

 

सड़क पर पुलिस और कांटा देख 60 की स्पीड में बैक गेयर में भागा संदिग्ध स्कॉर्पियो चालक

चनुकी पुल पार कर पुलिस की आंखों से हुआ ओझल

स्वाभिमान जागरण संवाददाता
देवरिया। सोमवार को लगभग दस बजे यूपी – बिहार बार्डर पर एक बड़ा हादसा होने से बचा। एक संदिग्ध स्कार्पियो चालक ने मेहरौना पुलिस चौकी के सामने पुलिसकर्मियों और सड़क पर कांटा देखकर 60 किमी की रफ्तार में बैक गेयर में चौकी के सामने से मस्जिद के करीब तक अपना वाहन दौड़ा दिया। सड़क से गुजर रहे राहगीर बाल बाल बचे। चालक द्वारा तेज गति से गाड़ी बैक करने पर पुलिस ने बाइक से उसका पीछा किया। संदिग्ध स्कॉर्पियो सुतावर मोड़ होते हुए चनुकी मोड के बाद भाटपार वाली सड़क पर तेज गति से निकल गई। वाहन का पीछा कर रही पुलिस हाथ मल के रह गई और वाहन चनुकी पुल पार कर पुलिस की आंखों से ओझल हो गया। आशंका व्यक्त की जा रही है कि वाहन में शराब लदी थी।

———
31 मार्च तक खपत करना है पुराना स्टॉक, शराब तस्करों ने कैरियरों की टीम खड़ी की

असल शराब तस्करों की जगह ज्यादातर मामलों में कैरियरों पर ही पुलिस करती है कार्रवाई

देवरिया। बिहार में शराब बंद है, फिर भी हर जगह शराब उपलब्ध है। बिहार सीमा पर देवरिया जिले से सटे क्षेत्र में दर्जनों शराब तस्करों ने अपना मजबूत नेटवर्क तैयार कर लिया है। आबकारी विभाग तो बिहार को हो रही शराब तस्करी पर वैसे भी कार्रवाई नहीं करती क्योंकि उसे अपना मॉल बिकवाना है। पुलिस जरूर कार्रवाई करती है। कानून में शराब तस्करी की धारा इतनी कमजोर है कि ज्यादातर मामलों में थाने से ही जमानत दे दी जाती है। इसका लाभ उठाते हुए शराब तस्करों ने कैरियरों को लगा रखा है। एक खेप बिहार में पहुंचा देने पर उन्हें पांच सौ से एक हजार रुपए तक दिए जाते है। पर्दा के पीछे असल तस्कर पूरा मैनेजमेंट चला रहे हैं। सूत्रों का तो यह भी दावा है कि अब बिहार पुलिस से सेटिंग हो गई है इस लिए बिहार पुलिस अवैध रूप से शराब पारगमन को नजर अंदाज किए है। देवरिया जिले के बिहार से सटे लार थाना के खरवनिया क्षेत्र से बड़े पैमाने पर आए दिन शराब बिहार में जा रहा है लेकिन पुलिस का ध्यान नहीं है। मेहरौना बार्डर पर पुलिस की सख्ती के चलते चनुकी पुल के रास्ते सोहगरा होते हुए भारी मात्रा में शराब बिहार जा रही है। 31 मार्च तक शराब के पुराने स्टॉक की खपत करनी है इस लिए शराब तस्कर भी शराब दुकानदारों से संबंध बनाकर उनके मॉल खपत कराने में जुट गए हैं।
देवरिया जिले के भटनी, खामपार, भाटपार, बनकटा और लार थाना क्षेत्र में शराब तस्करों के मजबूत नेटवर्क है। कुछ शराब तस्करों और सफेदपोशों की सांठगांठ से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
बेरोजगार युवकों को रुपये का लालच दिखाकर शराब माफिया तस्करी करा रहे हैं। रुपये की लालच में आकर युवक पिट्ठू बैग में शराब के पाउच लोड कर बाइक से बिहार में शराब पहुंचा रहे हैं। भोर में तीन बजे से आठ बजे सुबह तक जब पुलिस की गतिविधि धीमी रहती है तो शराब तस्करों के कैरियर मुख्य मार्गों ही नहीं चोर रास्तों से भी मॉल पहुंचाने में लग जा रहे हैं। बड़े शराब तस्करों पर पुलिस हाथ डालने से कतरा रही है। कभी किसी मामले में पकड़े गए कैरियर से असल तस्कर का नाम प्रकाश में लाने का काम पुलिस नहीं करती।

 

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!