एस पी के तबादला एक्सप्रेस से 402 पुलिसकर्मियों के स्टेशन बदले
देवरिया पुलिस अधीक्षक ने बड़े पैमाने पर पुलिसकर्मियों को किया स्थानांतरित

पांडे एन डी देहाती की रिपोर्ट
देवरिया के कप्तान की चली तबादला एक्सप्रेस
जिले में 402 पुलिसकर्मियों को एसपी ने दी नई तैनाती
देवरिया जिले के कुल 23 थाना में हुआ व्यापक फेरबदल
खरवानिया चौकी को अब भी नहीं मिला प्रभारी
कहते हैं एक ही जगह ज्यादा दिन जमे रहने से शुद्ध जल भी गंदा हो जाता है। एक ही पोजिशन में ज्यादे दिन रहने से मशीन के पुर्जे खराब हो जाते हैं, यहां तक कि एक ही पोजिशन में काफी समय रहने से वाहनों के टायर तक रटड़ कर खराब हो जाते हैं। परिवर्तन से नई ऊर्जा मिलती है। नई जगह मिलती है। नए लोग मिलते हैं।
देवरिया की कमान संभालने के बाद पहली बार इतने बड़े पैमाने पर एसपी विक्रांत वीर ने पुलिस कर्मियों के उनके कार्य स्थल में बदलाव किया है। जिले में कानून व्यवस्था और बेहतर बनाने के उद्देश्य से एसपी विक्रांत वीर ने 402 पुलिसकर्मियों को दूसरी जगहों पर स्थानांतरित किया है। एसपी के इस आदेश के बाद जिले के कुल 23 थानों में नई तैनाती हुई है। नई तैनाती में कोतवाली को 50, रामपुर कारखाना को 14, तरकुलवा को 18, बागौचघाट थाने को 9, महुआ डीह को 12, रुद्रपुर को 14, गौरी बाजार को 22, मदनपुर को 18, इकौना को 7, सलेमपुर को 16, लार को 20, खुखुन्दू को 10, बरियारपुर को 11, भाटपार रानी को 23, भटनी को 22, खामपार को 21, बनकटा को 16, श्रीरामपुर को 20, बरहज को 19, मईल को 17, भलुअनी को 10, सुरौली थाने को 15 पुलिसकर्मी मिले हैं। महिला थाने पर 8 पुलिसकर्मियों की नई तैनाती हुई है।
जिले के लार थाने के खरवानिया नवीन चौकी पर अभी तक किसी के तैनाती की कोई सूचना नहीं है। एसपी के इस तबादला एक्सप्रेस में कई पुलिसकर्मी ऐसे भी हैं जिनके काम तो आम जनता के लिए बेहतर था लेकिन वे जिस स्थल पर तैनात थे उनके थानाध्यक्ष उनके कार्य से संतुष्ट नहीं थे और उनकी रिपोर्ट भेजी गई थी। बहरहाल पुलिस महकमे में इतने बड़े तबादले के बाद आशा है कि बिहार के बार्डर के थाना क्षेत्रों से बिहार को होने वाली शराब तस्करी और गो वंश की तस्करी को रोकने में पुलिस कामयाब होगी। बिहार से सटे देवरिया जिले के खामपार, श्रीराम पुर, बनकटा, भाटपार रानी और लार थाना क्षेत्रों के रास्ते बड़े पैमाने पर शराब और गो वंश की तस्करी बिहार के लिए होती है। अब इन थानों को मिले पुलिसकर्मियों में से यदि छांट कर तेज तर्रार युवा पुलिसकर्मियों को सीमा की चेकपोस्टों पर लगाया जाय तो काफी हद तक अपराध पर अंकुश लग सकता है। यदि सीमा चौकियों पर कोई भी थानाध्यक्ष अपने किसी खास सिपाही की तैनाती कर रहा तो समझिए मामला गड़बड़ है।



