एक माह बाद सऊदी से आया शव
रविशंकर तिवारी /स्वाभिमान जागरण
मईल। सऊदी अरब में हत्या का शिकार हुए देवरिया जिले के मईल थाना क्षेत्र के बघही गांव निवासी एजाज अहमद (39) का शव करीब पांच सप्ताह बाद विदेश से गांव पहुंचा। शव के घर पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मां, पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मृतक की पत्नी फातिमा खातून ने न्याय और सहायता के लिए सलेमपुर सांसद रमाशंकर विद्यार्थी से भी गुहार लगाई थी। इसके साथ ही उन्होंने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पत्र लिखकर पति का पार्थिव शरीर भारत लाने, हत्यारों को सजा दिलाने और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की थी।
पत्र में बताया गया है कि एजाज अहमद की 30 दिसंबर 2025 को सऊदी अरब में धारदार हथियार से अज्ञात व्यक्ति द्वारा हत्या कर दी गई थी। एजाज अहमद करीब 18 माह पहले परिवार के भरण-पोषण के लिए सऊदी अरब गए थे और वहां ड्राइवर के रूप में कार्यरत थे।
29 दिसंबर को उन्होंने घर फोन कर 40 हजार रुपये भेजने की जानकारी दी थी, जबकि खाते में केवल 21 हजार रुपये ही पहुंचे। अगले दिन वह शेष राशि की जानकारी लेने रुपये भेजने वाली दुकान पर गए, इसके बाद उनका मोबाइल बंद हो गया।
बाद में रिश्तेदारों के माध्यम से परिवार को हत्या की सूचना मिली। शव को स्वदेश लाने की प्रक्रिया में कागजी औपचारिकताओं के चलते विलंब हुआ। सांसद रमाशंकर विद्यार्थी और समाजसेवी धर्मेंद्र सोलंकी की पहल पर संबंधित विभागों से समन्वय कर शव को भारत लाया गया, जो करीब पांच सप्ताह बाद गांव पहुंच सका।
एजाज अहमद परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। उनके परिवार में पत्नी फातिमा खातून, 73 वर्षीय मां जैबुन, 15 वर्षीय बेटा सिनहाज अहमद तथा 13 व 9 वर्षीय बेटियां रेशमा व आसिफा हैं। कमाऊ सदस्य की मौत के बाद परिवार गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है। शव पहुंचते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।



