भय के साए मे रह रहे जंगल से सटे गावो के लोग।

स्वाभिमान जागरण संवाददाता, समरधीरा, महराजगंज
सोहगी बरवा वन्यजीव प्रभाग के अंतर्गत आने वाले दक्षिणी चौक रेंज, उत्तरी चौक रेंज और मधवलिया रेंज के जंगलों से सटे गांवों में रह रहे किसान व ग्रामीण जंगली जानवरों के आतंक से बेहद परेशान है नगर पंचायत चौक, एवं ग्राम पंचायत सोहगौरा, पिपरिया गुरुगोविंदराय, सिहुली परसा, नक्शा-बक्शा, सिंहपुर दुधराई, केवलापुर खुर्द, नाथनगर, बेलासपुर, टीकर, वनटांगिया कम्पार्ट 26, 27, 28, 24, बलुअहिया, हथियाहवा और उसरहवा जैसे गांवों में तेंदुए, हिरण, नीलगाय, जंगली सूअर और अब मगरमच्छ भी किसानों व फसल के लिए खतरा बनते जा रहे है जंगली जानवरों के आतंक से निजात पाने के लिए जंगल सटे गांवों के लोग लंबे समय से तारबाड़ लगाने की मांग कर रहे है। जंगली जानवरों को आबादी की ओर आने से रोकने के उपायों की गुहार लगा रहे हैं। कई बार मानव-वन्य जीव संघर्ष की घटनाएं बड़ा रूप ले चुकी हैं। इसके बाद भी किसान भय व नुकसान के साए में है फसलें उजड़ रही हैं, कर्ज में डूब रहे हैं किसानों का कहना है कि नीलगायों और जंगली सूअरों के झुंड खेतों में घुसकर पूरी फसल को चंद घंटों में तबाह कर देते हैं। धान, गेहूं, मक्का, आलू, सरसों जैसी फसलें लगातार नष्ट हो रही है, जिससे किसान भारी आर्थिक नुकसान झेल रहे हैं। कई किसान कर्ज में डूब गए हैं और उन्हें सरकारी मुआवजा भी समय पर नहीं मिल पा रहा है अब तेंदुआ और मगरमच्छ भी खतरा बनते जा रहे। पहले केवल फसलें बर्बाद हो रही थीं, लेकिन अब तेंदुए और मगरमच्छों का ग्रामीण इलाकों में प्रवेश इंसानी जान को भी खतरे में डाल रहा है। तेंदुओं को कई बार मवेशियों और पालतू जानवरों पर हमला करते देखा गया है वही, नहरोंl और तालाबों से निकलकर मगरमच्छ अब रिहायशी इलाकों की ओर बढ़ रहे है, जिससे बच्चों और महिलाओं का बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। समाज सेवी सुनील कुमार और यहां के ग्रामीणों ने शासन प्रशासन से मांग किया है की समस्या का जल्द से जल्द समाधान किया जाए



