बारिश न होने से धान के खेतों में पड़ी दरारें।
डीजल की ऊंची कीमत से सिंचाई हुआ मुश्किल।

स्वाभिमान जागरण संवाददाता अड्डा बाजार महराजगंज
सावन का महीना शुरू होने वाला है भाठ क्षेत्र के किसान पंपिंग सेट से पानी चला कर किसी तरह धान की रोपाई कर ली। लेकिन रोपाई के बाद से बारिश न होने से धान के खेतों में दरारें पड़ गई है। इसे लेकर यहां के किसान चिंतित है। खेतों में दरार पड़ने से धान के पौधे सूखकर नष्ट होने का खतरा बढ़ जाता है। जनपद के निचलौल ब्लॉक क्षेत्र के भाठ इलाके में यहां के किसान पंपिंग सेट के सहारे धान की रोपाई कर लिया। लेकिन धान की रोपाई के बाद बारिश न होने के कारण खेतों में दरारें पड़ गई है। कुछ किसान पंपिंग सेट के सहारे दोबारा सिंचाई करने में जुटे हुए हैं। गांव के प्रगतिशील किसान उमाशंकर पाल का कहना है कि अगर जल्द बारिश नहीं हुई तो किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ेगा। बारिश नहीं होने से कुछ किसान पौधों को बचाने के लिए पंपिंग सेट में डीजल डालकर इंजन से सिंचाई भी शुरू कर दी है। लेकिन डीजल का दाम आसमान पर होने से खेती की लागत काफी बढ़ जाती है। ऐसे में कई किसान इंजन से सिंचाई करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। मिश्रौलिया के किसान इस्लाम अंसारी में बताया कि एक हफ्ते से बारिश के इंतजार करने के बाद धान के खेत में दुबारा सिंचाई करवाना पड़ रहा है। शासन प्रशासन यदि इस तरफ ध्यान नहीं दिया तो रोपी गई फसल सूख जाएगी।



