झमाझम बारिश ने लौटाई किसानों के चेहरे पर मुस्कान।
धान की फसलों को मिला नया जीवनदान।

स्वाभिमान जागरण संवाददाता, अड्डा बाजार, महराजगंज
सोने के कटोरा कहे जाने वाले महराजगंज जनपद के निचलौल ब्लाक के सीमावर्ती क्षेत्रों में सोमवार सुबह से हो रही बारिश ने किसानों के चेहरे पर एक बार फिर मुस्कान लौटा दी है। भीषण गर्मी और बारिश की कमी से जनजीवन के साथ धान की फसल मुरझा रही थी। बारिश होने से धान की फसल को अब नया जीवन दान मिल गया है। धान की खेती इस क्षेत्र की प्रमुख फसल है। पानी की कमी से फसले सूखने के कगार पर पहुंच चुकी थी। लेकिन यह बारिश ने सिर्फ खेतों की प्यास बुझाई बल्कि किसानों को एक नई उम्मीद लेकर आई है। क्षेत्र के किसान हरिओम पांडेय, राहुल मिश्रा, रतनलाल श्रीवास्तव, अंबरीश तिवारी ने बताया कि धान की फसल तो लगा दी थी। लेकिन पूरे सावन भर बारिश न होने से धान के पौधे पीले पड़ रहे थे। खेतों में दरारें पड़ गई थी। लेकिन इसी बीच श्रावण मास के आखिरी सोमवार को बारिश ने किसानों की तकदीर बदल दी। खेतों में पानी भर गया। मुरझाए पौधों में हरियाली लौट आई, और किसानों के दिलों में उम्मीद की किरण जग गई। किसानों के अनुसार आने वाले हफ्तों में मौसम थोड़ा और साथ दे तो इस बार की धान की फसल की पैदावार अच्छी हो सकती है। वही किसान हरेंद्र मद्धेशिया, अनिल चौहान, सद्दाम हुसैन ने बताया की फसल बचने की उम्मीद नहीं थी। लेकिन आज के दिन बारिश होने से दिल को सुकून मिल गया। गांव की कुछ महिलाओं ने इंद्र भगवान की खेतों में पूजा की, मौसम विज्ञानिको के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक बारिश की संभावना भी जताई है। किसाने की मांग है कि सरकार प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए फसल बीमा को प्रभावी ढंग से लागू करें। ताकि भविष्य में ऐसे संकट से किसानों को उभरने में आसानी हो सके।



