पराली जलाने को लेकर जिलाधिकारी ने,नौ लेखपालों को किया सस्पेंड।

स्वाभिमान जागरण संवाददाता महाराजगंज।
महाराजगंज जनपद में लगातार बढ़ रही पराली जलाने की घटनाओं पर अब जिला प्रशासन ने सख्त रवैया अपना लिया है पर्यावरण की रक्षा और किसानों में जागरूकता लाने के उद्देश्य से प्रशासनिक मशीनरी एक्शन मोड में नजर आ रही है जिलाधिकारी के नेतृत्व में हो रही कार्रवाई ने पूरे प्रदेश में एक मिसाल पेश की है महाराजगंज जहां करीब 90 प्रतिशत किसान धान की खेती पर निर्भर है वही पराली जलाने की घटनाओं में यह जानकर पूरे प्रदेश में शीर्ष पर दर्ज किया जा रहा है। लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। पराली जलाने की 380 मामलों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने ऐसे सख्त कार्रवाई की है जैसा पहले कभी नहीं देखा गया सबसे पहले लापरवाही और सहयोग न करने वाले नौ लेखपालों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है यही नहीं सभी तहसीलों के एसडीएम ,कृषि विभाग के उपनिदेसक और संबंधित थाना क्षेत्र के थानाध्यक्षों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और साथ ही ग्राम प्रधानों को भी नोटिस भेज कर पूछा गया है कि आपके गांव में परली क्यों जलाई जा रही है।धान की कटाई में मानक ना पूरा करने वाली 42 कंबाइन मशीनों को सीज कर दिया गया है ।यह कदम स्पष्ट संदेश दे रहा है की कागजी कार्रवाई ही नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर काम किया गया है। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा स्वयं ही गांव गांव जाकर किसानों से पराली न जलाने की अपील कर रहे हैं ,और उसके फायदे भी पर्यावरण ,मिट्टी और मानव स्वास्थ्य पर होने वाले गंभीर दुष्प्रभाव को किसानों को समझाया जा रहा है वहीं दूसरी ओर लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं ताकि किसान वैकल्पिक उपयोग को अपनाए। प्रशासन न केवल कार्रवाई कर रहा है बल्कि सुधार के रास्ते भी दिखा रहा है। अब तक 22 लाख रुपए तक का जुर्माना भी लगाया जा चुका हैं जिसमें साफ हो गया है कि नियम तोड़ने वाले वालों को किसी भी हालत में बक्सा नहीं जाएगा। जिलाधिकारी की सक्रियता और दूरदर्शिता से महाराजगंज में नई ऊर्जा पैदा की है ।दैनिक बैठकों से लेकर मैदानी निरीक्षण तक हर स्तर पर मॉनिटरिंग की जा रही है। पराली जलाना सिर्फ एक कृषि समस्या नहीं बल्कि एक बड़ा पर्यावरण संकट है और महाराजगंज प्रशासन इसे गंभीरता लेते हुए जो कदम उठाए हैं ,वह पूरे प्रदेश के लिए अनुकरणीय है निसंदेह जिला प्रशासन की यह पहल महाराजगंज को परली मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है और आने वाले दिनों में इसकी सकारात्मक परिणाम पूरे प्रदेश में दिखाई देने की उम्मीद है।



