नगर पंचायत में एक भी सार्वजनिक शौचालय का ना होना, बढ़ा रहा महिलाओं की समस्या।
स्वीकृत होकर भी नहीं बन पा रहा है सार्वजनिक शौचालय।

स्वाभिमान जागरण संवाददाता बृजमनगंज महराजगंज।
नगर पंचायत बृजमनगंज के मुख्य बाजार और चौराहों पर सार्वजनिक शौचालय की व्यवस्था न होने से नगरवासियों और दूर-दराज से आने वाले ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि रोजाना हजारों की संख्या में बाजार आने वाले पुरुषों, महिलाओं और बुजुर्गों को नित्यक्रिया के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन के तहत खुले में शौच न करने को लेकर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि नगर के मुख्य चौराहे और बाजार क्षेत्र में एक भी चालू सार्वजनिक या मोबाइल शौचालय मौजूद नहीं है।
नगर में सैकड़ों दुकानें हैं, जहां प्रतिदिन आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग खरीदारी करने पहुंचते हैं। ऐसे में महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। स्थानीय नागरिकों के अनुसार मजबूरी में दुकानदारों को किसी के घर या गलियों का सहारा लेना पड़ता है, जो न केवल असुविधाजनक बल्कि असुरक्षित भी है।
वार्ड संख्या–2 स्थित कन्या विद्यालय के सामने बना सार्वजनिक शौचालय वर्षों से ताले में बंद पड़ा है। वहीं, कोल्हुई तिराहा पर ग्राम पंचायत शाहाबाद द्वारा निर्मित सामुदायिक शौचालय को 18 दिसंबर 2024 को नए निर्माण के लिए ध्वस्त कर दिया गया था, लेकिन एक वर्ष बीतने के बाद भी नया शौचालय नहीं बन सका। सहकारी समिति शाहाबाद के पास स्थित शौचालय भी बदहाल स्थिति में बंद पड़ा है।
स्थानीय नागरिक दीपक अग्रहरी, रवि वर्मा, सूरज सिंह, मुकेश चौहान, आर्यन जायसवाल, गोविन्द वर्मा, सरवन गिरी, संजय जायसवाल, चन्दन जायसवाल और श्याम जायसवाल का कहना है कि सरकार की ओर से स्वच्छता को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन नगर के मुख्य बाजार में शौचालय की अनुपलब्धता इन दावों की पोल खोलती है।
सूत्रों के अनुसार शासन द्वारा कोल्हुई तिराहा पर नए शौचालय के निर्माण के लिए 30 लाख रुपये की स्वीकृति दी जा चुकी है, इसके बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
इस संबंध में राकेश जायसवाल नगर पंचायत अध्यक्ष बृजमनगंज ने बताया कि शासन से धनराशि स्वीकृत हो चुकी है, लेकिन चिह्नित भूमि विवादित होने के कारण निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हो सका। उन्होंने आश्वासन दिया कि भूमि विवाद सुलझते ही शीघ्र निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।



