मनरेगा मजदूरों का कानूनी अधिकार भाजपा सरकार कर रही कमजोर- विजय सिंह।

स्वाभिमान जागरण संवाददाता महाराजगंज।
महाराजगंज वरिष्ठ कांग्रेस नेता जिलाध्यक्ष अधिवक्ता विजय सिंह ने एक प्रेसवार्ता में कहा कि 2005 में यूपीए सरकार द्वारा गरीबों ,खेतिहर मजदूरों और औद्योगिक श्रमिकों को रोजगार का कानूनी अधिकार देने के लिए मनरेगा कानून बनाया गया इस योजना में 90% धन केंद्र सरकार और 10% राज्य सरकार वहन करती थी ।यह केवल योजना नहीं बल्कि मजदूरों का संवैधानिक अधिकार था। जिसमें काम ना मिलने पर बेरोजगारी भत्ता देने का भी प्रावधान था।प उन्होंने कहा किमनरेगा से ग्रामीण मजदूरों को रोजगार मिला, पलायन रुका और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हुई। कोरोना काल में इस योजना ने लाखों श्रमिक परिवारों को सहारा दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार आने के बाद लगातार मनरेगा को कमजोर किया गया। बजट घटाया गया और महात्मा गांधी के नाम से जुड़ी योजना को बदलकर केंद्र का हिस्सा 60% कर दिया गया। जिससे मजदूरों का हक छीना जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसके विरोध में कांग्रेस द्वारा 10 जनवरी को प्रेस वार्ता, 11 जनवरी को उपवास और 12 से 29 जनवरी तक जन जागरण, 30 जनवरी को धरना प्रदर्शन व फरवरी में ज्ञापन ,विधानसभा घेराव और रैलियां का कार्यक्रम तय किया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जोरदार तरीके से मनरेगा मजदूरों के हित में केवल नाम बदलने वाली सरकार के खिलाफ आवाज ही नहीं उठाएगी बल्कि जोरदार तरीके से विरोध करेगी।



