ऐतिहासिक धरोहर को संजोकर रखने की उठी मांग।

स्वाभिमान जागरण संवाददाता, लक्ष्मीपुर, महराजगंज।
महराजगंज जिले में एशिया का सबसे पुराना ट्रामवे लाइन जो उत्तर प्रदेश के वन द्वारा सोहगी बरवा वन्य जीव संरक्षण क्षेत्र में (एकमाडिपो)लक्ष्मीपुर से टेढ़ी घाट होते हुए जंगल में चौराहा तक सन 1924 से 1982 तक संचालित किया जा रहा था जो कि वन विभाग की लकड़ी के परिवहन के लिए किया जाता था। साथ ही साथ पूरे यात्रा मार्ग में पड़ने वाले लोगों का साप्ताहिक बाजार जैसी जरूरतों को भी पूरा करता था।जो आज के समय में इस ऐतिहासिक धरोहर के रूप में संरक्षित उस ट्रामवे इंजन व सैलून आदि को उत्तर प्रदेश/वन विभाग द्वारा भारतीय रेलवे को हस्तांतरित कर दिया गया। जिसके कारण सोमवार को ठेकेदार व सम्बंधित अधिकारियों की टीम इंजन व अन्य सामान लेने आ गई, लेकिन स्थानीय लोगों की तत्परता व विरोध के चलते पूरी टीम बिना इंजन लिए बैरंग वापस चली गई। इसी बात को लेकर सम्बंधित सामाजिक संगठन देवदह रामग्राम बौद्ध विकास समिति का प्रतिनिधि मंडल अध्यक्ष जितेंद्र राव के नेतृत्व में एकमा डिपो में पहुंच कर सरकार से इस कार्य को रोक कर पर्यटन विकास के लिए इस इंजन व अन्य सामानों को यहीं संरक्षित कर इसको एकमा डिपो से देवदह बनरसिया होते हुए रामग्राम व चौक बाजार तक संचालित करने के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से माननीय सांसद, माननीय मुख्यमंत्री, माननीय प्रधानमंत्री आदि लोगों से अनुरोध किया गया, जिससे कि जिले का राजस्व भी बढ़े और यहां के लोगों को रोजगार के भी अवसर सृजित हो। इस अवसर पर समिति के उपाध्यक्ष महेन्द्र जायसवाल, महामंत्री लक्ष्मी चन्द्र पटेल, संरक्षक अशोक जैसवाल, प्रहलाद गौतम, रोहित गौतम, पूर्व प्रधान व शिक्षक मनोज कनौजिया, सहित तमाम गणमान्य लोग मौजूद थे।



