शून्य स्टॉक के बावजूद गोदाम मिला खाद्यान्न से भरा।
उपजिलाधिकारी फरेंदा द्वारा की गई कार्यवाही।

स्वाभिमान जागरण संवाददाता महाराजगंज।
महराजगंज फरेंदा उपजिलाधिकारी शैलेंद्र गौतम के नेतृत्व में सोमवार को थाना कोल्हुई ब्लॉक बृजमनगंज क्षेत्र में गल्ला व्यवसाई के यहां की गई छापेमारी के दौरान सरकारी राशन के बड़े घोटाले का खुलासा हुआ। प्रशासनिक टीम ने एक गोदाम से 614 बोरी चावल और 80 बोरी गेहूं बरामद किया, जबकि संबंधित रिकॉर्ड और ऑनलाइन स्टॉक विवरण में खाद्यान्न का कोई उल्लेख नहीं मिला। सरकारी कर्मचारियों के आंखों में धूल झोंक कर बड़े पैमाने पर घपला करने का इरादा रहा, जिस पर कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने नाकाम कर दिया। प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। मामले को सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़े बड़े घोटाले के रूप में देखा जा रहा है। जांच के दौरान बरामद खाद्यान्न के संबंध में कोई वैध प्रपत्र प्रस्तुत नहीं किया जा सका। वहीं ऑनलाइन स्टॉक से भी खाद्यान्न का मिलान नहीं हो पाया।
गोदाम में रखे चावल की बोरियों पर एफआरके (फोर्टिफाइड राइस कर्नेल) युक्त सरकारी वितरण प्रणाली का चिन्ह पाए जाने से प्रथम दृष्टया यह सरकारी राशन का खाद्यान्न प्रतीत हुआ। एसडीएम शैलेंद्र गौतम ने मामले को गंभीर अनियमितता मानते हुए पूर्ति निरीक्षक को कड़ी कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बरामद खाद्यान्न को नियमानुसार सुरक्षित कर अन्य उचित दर विक्रेताओं (कोटेदारों) को सुपुर्द कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि मामले की विस्तृत जांच कर जल्द ही संबंधित लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। कार्रवाई के दौरान खाद्य एवं रसद विभाग के विजय साहनी, पूर्ति निरीक्षक ईशांत प्रताप सिंह, मार्केटिंग इंस्पेक्टर दीपक, राजस्व विभाग के दीनदयाल यादव, सद्दाम हुसैन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।



