देवरिया

लार ब्लाक में शिक्षकों के समायोजन में सरकारी निर्देश का कितना हुआ पालन

सूची बनाने में गड़बड़झाला की आशंका

देवरिया । परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए बंद एवं एकल विद्यालयों में विषयगत शिक्षकों के समायोजन की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठे हैं। शिक्षा सचिव, प्रयागराज के निर्देश पर सभी जिलों को समायोजन सूची जारी करने के आदेश दिए गए थे, लेकिन लार में अंतिम सूची तैयार करते समय बड़े पैमाने पर अनियमितता की आशंका जतायी जा रही है। अपने चहेते शिक्षकों को बचाने के लिए समायोजन सूची में हेरफेर की गई है । जिन विद्यालयों में छात्र संख्या की तुलना में शिक्षक अधिक हैं, उन्हें अंतिम सूची से बाहर कर दिया गया। कुछ शिक्षकों से सांठ-गांठ कर उन्हें समायोजन प्रक्रिया से बचाया गया है।
आरटीई एक्ट 2009 के अनुसार प्राथमिक स्कूलों में 30 छात्र पर व जूनियर में 35 छात्र पर एक शिक्षक रखने हैँ। अधिक छात्र संख्या होने पर प्राथमिक में 2 व जूनियर में 3 शिक्षक का मानक रखा गया है। इसके लिए माननीय उच्च न्यायालय ने भी सरपल्स शिक्षकों को एकल शिक्षक वाले स्कूलों पर भेजने का निर्देश दिया गया लेकिन लार विकास खंड के दस सरप्लस शिक्षकों को विभागीय मिलीभगत से बचा लिया गया है।
लार के प्राथमिक पिंडी में एक, प्राथमिक तकिया में एक, कंपोजिट रोपन छपरा में दो, कंपोजिट कुंडौली में एक, कंपोजिट बनकटा अमेठिया में एक, कंपोजिट गौरी अमेठीया में दो, कंपोजिट लार में एक व जूनियर गयागीर में एक सरप्लस अध्यापक हैं। नियमतः इन्हें जिले के एकल शिक्षक स्कूलों में भेजा जाना चाहिए लेकिन विभागीय मिलीभगत से सर प्लस शिक्षकों को दूसरी जगह समायोजित नहीं किया जा रहा है।
इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राम जिआवन मौर्य ने कहा कि हर सूची पर नजर है, यदि शासन की मंशा व कोर्ट के निर्देश के प्रतिकूल कोई कार्य हुआ होगा तो कार्रवाई होगी।

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