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सोनौली सीमा बना हाइड्रोपोनिक वीड तस्करी का नया गलियारा।

 थाईलैंड-नेपाल कनेक्शन की जांच तेज।

स्वाभिमान जागरण संवाददाता महाराजगंज।

महराजगंज भारत-नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सोनौली सीमा इन दिनों हाइड्रोपोनिक वीड (उच्च गुणवत्ता वाले गांजा) की तस्करी के नए ट्रांजिट कॉरिडोर के रूप में उभरती दिखाई दे रही है। पिछले चार महीनों के दौरान सीमा क्षेत्र में हुई लगातार बरामदगियों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। इस अवधि में 46 किलोग्राम से अधिक हाइड्रोपोनिक वीड तथा लगभग तीन क्विंटल गांजा बरामद किया जा चुका है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार

तस्कर नेपाल को ट्रांजिट प्वाइंट बनाकर थाईलैंड और अन्य दक्षिण पूर्व एशियाई देशों से नशीले पदार्थ भारत पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।

चार माह में 46 किलो से अधिक हाइड्रोपोनिक वीड और तीन क्विंटल गांजा बरामद, अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की आशंका हाल के मामलों में विभिन्न राज्यों के नागरिकों के साथ-साथ विदेशी नागरिकों की गिरफ्तारी ने अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की आशंका को और मजबूत किया है। मंगलवार सुबह भारत-नेपाल सीमा के मुख्य प्रवेश द्वार पर एसएसबी और पुलिस

की संयुक्त जांच के दौरान तमिलनाडु निवासी पीर मोहम्मद को गिरफ्तार किया गया। उसके बैग से लगभग 2.3 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड बरामद हुई। यह पिछले चार महीनों में सातवीं बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। इससे पूर्व 4 जून को एसएसबी और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की संयुक्त टीम ने सीमा स्तंभ संख्या 517/2 के निकट म्यांमार निवासी फियो को गिरफ्तार कर उसके ट्रॉली बैग से 4.532 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड बरामद की थी। वहीं 18 फरवरी को दिल्ली निवासी वाहिद हुसैन के पास से 17.590 किलोग्राम तथा 11 फरवरी को महाराष्ट्र के दो तस्करों के पास से 8.13 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड बरामद हुई थी।

सबसे अहम खुलासा 7 फरवरी की कार्रवाई में हुआ था, जब एसएसबी और कस्टम विभाग ने तीन तस्करों को गिरफ्तार कर 6.862 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड बरामद की थी। जांच में संकेत मिले थे कि यह खेप थाईलैंड से नेपाल होते हुए भारत लाई जा रही थी। इसके अलावा 26 अप्रैल को बरगदवा क्षेत्र में लगभग तीन क्विंटल गांजा बरामद किया गया था, जबकि 12 मार्च को नेपाल के भैरहवा में पकड़ी गई गांजे की खेप को भारत भेजे जाने की तैयारी बताई गई थी। लगातार हो रही बरामदगियां यह संकेत दे रही हैं कि भारत-नेपाल सीमा का खुला आवागमन तस्करों के लिए अवसर बनता जा रहा है। सीमा सुरक्षा बल, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, पुलिस और कस्टम विभाग संयुक्त रूप से इस नेटवर्क की गहन जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क से जुड़े कई और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल सोनौली सीमा पर निगरानी, तलाशी अभियान और खुफिया तंत्र को और अधिक मजबूत किया गया है।

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