कन्या भोज व पूर्णाहुति के साथ सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का समापन

खखरेरू फतेहपुर। कस्बे के रावण मैदान में आयोजित नव दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का मंगलवार को यज्ञ, पूर्णाहुति और कन्या भोज के साथ श्रद्धा एवं भक्ति भाव से समापन हो गया। समापन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर धर्म लाभ प्राप्त किया।
नौ दिनों तक चले इस धार्मिक आयोजन में वृंदावन से पधारे भागवताचार्य गोपालानंद आचार्य ने श्रीमद्भागवत महापुराण के विभिन्न प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने भक्ति की महिमा, भगवान की लीलाओं तथा राजा परीक्षित द्वारा शुकदेव मुनि से प्राप्त भागवत अमृत के प्रसंगों का विस्तार से वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को धर्म और सत्कर्म के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
कथा के दौरान प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। पूरे पंडाल में नौ दिनों तक भक्तिमय वातावरण बना रहा। श्रद्धालु भजन-कीर्तन और कथा श्रवण में लीन रहे। समापन दिवस पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन-पूजन और पूर्णाहुति संपन्न कराई गई।
इसके बाद कन्या पूजन एवं कन्या भोज का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन समिति के पदाधिकारियों और क्षेत्रीय श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम को सफल बनाने में बढ़-चढ़कर सहयोग किया।
इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों से समाज में आध्यात्मिक चेतना और आपसी सौहार्द को बढ़ावा मिलता है। कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।



