उत्तर प्रदेशफतेहपुर

नगर पंचायत में बारिश बनी आफत, रामनगर की गलियां जलमग्न, पशु चिकित्सालय में घुसा पानी

अधूरे निर्माण कार्य से बढ़ी परेशानी, स्कूली बच्चों व पशुपालकों को हो रही दिक्कत

 

खखरेरू/फतेहपुर नगर पंचायत खखरेरू में गुरुवार रात हुई तेज बारिश के बाद जल निकासी व्यवस्था की पोल खुल गई। नगर के कई वार्डों में जलभराव से लोगों का जनजीवन प्रभावित हो गया। वार्ड संख्या-12 रामनगर की गलियां तालाब में तब्दील हो गईं, जबकि लक्ष्मीबाई नगर (कनपुरवा) स्थित राजकीय पशु चिकित्सालय परिसर भी पानी से लबालब भर गया। इससे स्थानीय लोगों, स्कूली बच्चों, पशुपालकों और अस्पताल कर्मियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
वार्ड संख्या-12 रामनगर के लोगों का आरोप है कि नगर पंचायत की ओर से नाली और सड़क निर्माण का कार्य शुरू कराया गया था, लेकिन निर्माण अधूरा छोड़ दिए जाने के कारण बारिश का पानी निकलने का रास्ता नहीं मिल रहा है। परिणामस्वरूप पूरी गली जलमग्न हो गई है। यह वार्ड का मुख्य संपर्क मार्ग होने से करीब दो दर्जन परिवारों का आवागमन प्रभावित हो गया है। शुक्रवार सुबह स्कूल जाने वाले बच्चे पानी से भरे रास्ते पर गिरते-पड़ते स्कूल जाने को मजबूर दिखे।
स्थानीय निवासी पुजारी महाराज, छोटू विश्वकर्मा, राजेश विश्वकर्मा, कृष्ण अवतार तिवारी, अशोक कुमार विश्वकर्मा, रोनी कुमार विश्वकर्मा, अजय तिवारी और शिवदुलारे विश्वकर्मा ने बताया कि अधूरे निर्माण कार्य के कारण हर बारिश में जलभराव की समस्या विकराल हो जाती है। इससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है।

उधर, लक्ष्मीबाई नगर स्थित राजकीय पशु चिकित्सालय भी जलभराव की चपेट में आ गया। अस्पताल परिसर में पानी भर जाने और मुख्य गेट के पास गिट्टी का ढेर लगे होने से जल निकासी बाधित हो गई है। चिकित्सालय तक पहुंचना मुश्किल हो गया है, जिससे पशुओं का इलाज कराने आने वाले किसानों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
पशु चिकित्साधिकारी डॉ. रमेश चंद्रा ने बताया कि अस्पताल परिसर में जलभराव की समस्या से शासन को लिखित रूप से अवगत कराया जा चुका है। पानी भरे रहने से उपचार, कृत्रिम गर्भाधान सहित अन्य चिकित्सकीय कार्य प्रभावित होते हैं। कर्मचारियों को वाहन सड़क किनारे खड़े कर पैदल अस्पताल पहुंचना पड़ता है, जबकि पशुपालकों को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत से जल निकासी की समुचित व्यवस्था कराने और अधूरे निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा कराने की मांग की है, ताकि बरसात के दौरान होने वाली इस समस्या से स्थायी राहत मिल सके।

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