साइबर जागरूकता अभियान, के तहत पुलिस ने ग्रामीणों को ऑनलाइन ठगी से बचने के बताए अहम उपाय

खखरेरू फतेहपुर के खखरेरू थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्रामसभा पौली में बुधवार, 5 अगस्त 2026 को साइबर अपराधों की रोकथाम एवं लोगों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विशेष साइबर जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा, व्यापारी एवं छात्र उपस्थित रहे।
अभियान में उपनिरीक्षक दिग्विजय सिंह, उपनिरीक्षक अमित शर्मा, साइबर टीम से जुड़े अमन सिंह, एक महिला पुलिसकर्मी सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जा रहे नए-नए तरीकों की जानकारी देते हुए सतर्क रहने की अपील की।
अधिकारियों ने बताया कि आजकल साइबर ठग फर्जी बैंक अधिकारी, बिजली विभाग, कूरियर कंपनी, केवाईसी अपडेट, लॉटरी, नौकरी, ऑनलाइन निवेश और सोशल मीडिया के नाम पर लोगों को अपने जाल में फंसाकर बैंक खातों से धनराशि निकाल लेते हैं। इसलिए किसी भी अनजान कॉल, लिंक, मैसेज या क्यूआर कोड पर बिना पुष्टि किए भरोसा न करें।
पुलिस टीम ने लोगों को समझाया कि कोई भी बैंक या सरकारी विभाग फोन पर कभी ओटीपी, यूपीआई पिन, एटीएम पिन, सीवीवी या बैंक खाते की गोपनीय जानकारी नहीं मांगता। यदि कोई ऐसी जानकारी मांगता है, तो तुरंत सतर्क हो जाएं।
ग्रामीणों को डिजिटल भुगतान करते समय सावधानी बरतने, मोबाइल फोन में मजबूत पासवर्ड रखने, संदिग्ध मोबाइल ऐप डाउनलोड न करने तथा सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने से बचने की सलाह दी गई।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यदि किसी भी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी हो जाती है, तो बिल्कुल देर न करें। तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें और निकटतम पुलिस थाने को सूचना दें। समय पर शिकायत दर्ज कराने से ठगी गई धनराशि को रोकने या वापस दिलाने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने साइबर सुरक्षा से जुड़े कई सवाल पूछे, जिनका पुलिस अधिकारियों ने विस्तार से उत्तर दिया। अधिकारियों ने कहा कि जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।
अंत में पुलिस टीम ने सभी ग्रामीणों से अपील की कि वे स्वयं जागरूक रहें और अपने परिवार व आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें, ताकि ऑनलाइन ठगी जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

