आईजीआरएस की ‘सी’ ग्रेडिंग पर डीएम सख्त, चार मामलों में दिए कार्रवाई के निर्देश

स्वाभिमान जागरण देवरिया, 06 अगस्त।
मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा माह जुलाई 2026 की आईजीआरएस रैंकिंग में जनपद के चार प्रकरणों को ‘सी’ श्रेणी में वर्गीकृत किए जाने पर जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण निस्तारण न करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए संबंधित नियंत्रक अधिकारियों को पत्र जारी किया है। साथ ही सभी प्रकरणों में साक्ष्य सहित तथ्यपरक एवं गुणवत्तापूर्ण आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
लर्निंग लाइसेंस की प्रिंटिंग में अनावश्यक विलंब से जुड़े प्रकरण में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी, देवरिया द्वारा स्पष्ट एवं तथ्यपरक आख्या प्रस्तुत नहीं किए जाने पर मुख्यमंत्री कार्यालय के आईजीआरएस कमांड सेंटर ने निस्तारण को अपूर्ण एवं भ्रामक माना। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारी के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
विद्युत दुर्घटना में मृतक के आश्रितों को आर्थिक सहायता दिलाने से संबंधित शिकायत के निस्तारण में केवल औपचारिक आख्या प्रस्तुत किए जाने तथा वास्तविक कार्रवाई का विवरण उपलब्ध न कराने पर अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड, गौरीबाजार के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
स्थायी विद्युत विच्छेदन संबंधी शिकायत में शिकायतकर्ता द्वारा असंतोष व्यक्त किए जाने के बावजूद पुनः जांच, शिकायतकर्ता से वार्ता एवं साक्ष्य सहित नई आख्या प्रस्तुत न करने तथा पुरानी आख्या के आधार पर ही प्रकरण का निस्तारण किए जाने पर अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड, देवरिया के विरुद्ध भी दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं।
इसी प्रकार बिजली बिल की धनराशि तकनीकी त्रुटि के कारण गलत डिस्कॉम में जमा होने के मामले में एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद समस्या का समाधान न होने तथा केवल अंतरिम एवं औपचारिक आख्या प्रस्तुत किए जाने पर अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड, सलेमपुर एवं उपायुक्त एनआरएलएम, देवरिया के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही, औपचारिकता अथवा गुणवत्ताहीन आख्या स्वीकार नहीं की जाएगी। शिकायतों का समयबद्ध, तथ्यपरक एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।



