फतेहपुर

ससुर खदेरी-2 नदी का जलस्तर बढ़ा, सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न

दलहन, तिलहन, बाजरा और धान की फसलें डूबीं, किसानों के सामने रोजी-रोटी का संकट 

खखरेरू/फतेहपुर क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते ससुर खदेरी-2 नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। नदी के उफनाने से आसपास के गांवों की सैकड़ों बीघा कृषि भूमि जलमग्न हो गई। खेतों में खड़ी दलहन, तिलहन, बाजरा और धान समेत कई फसलें पानी में डूब जाने से किसानों को लाखों रुपये के नुकसान की आशंका है। फसल बर्बाद होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है।

बताया गया कि पिछले दो दिनों से ससुर खदेरी-2 नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा था। बुधवार को नदी का पानी आसपास के खेतों तक पहुंच गया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में खेत पानी में डूब गए। नदी के किनारे बसे गांवों में किसानों की फसलें पूरी तरह जलमग्न होने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।

नदी का जलस्तर बढ़ने से रघुराजपुर, सैदपुर, भुरूही, नंदन का पुरवा, चचिड़ा, महेशपुर, मठेठा, मनकापुर, सुदनपुर, धौरहरा, कछरा, बदनमऊ और मानपुर समेत आसपास के कई गांव प्रभावित बताए जा रहे हैं। इन गांवों के किसानों के खेतों में पानी भर जाने से तैयार हो रही फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।

किसानों का कहना है कि बारिश और नदी के बढ़े जलस्तर ने उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया। किसान संजय पाल, सीताराम, रामराज पाल, दयाराम, शिवराम तिवारी, आलोक सिंह और रामेश्वर समेत अन्य किसानों ने बताया कि नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से उनकी फसलें पूरी तरह पानी में डूब गई हैं।

कई किसानों ने बताया कि उन्होंने फसल की बुवाई के लिए बैंक से कर्ज लिया था। अब फसल डूब जाने से कर्ज चुकाने की चिंता के साथ परिवार के भरण-पोषण का संकट भी खड़ा हो गया है। किसानों ने प्रशासन से मौके पर सर्वे कराकर फसल क्षति का आकलन कराने और नियमानुसार मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।

नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से ग्रामीणों में किसी बड़े नुकसान की आशंका बनी हुई है। किसानों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों में राजस्व टीम भेजकर फसलों का सर्वे कराने तथा प्रभावित किसानों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि नदी का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो और अधिक खेतों के जलमग्न होने से नुकसान बढ़ सकता है।

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