गोवंश की मौत की खबर के बाद दौड़ी अफसरों की गाड़ियां

कुंडौली के साथ रावतपार रघेन और करचो गो आश्रय केंद्रों का भी अधिकारियों ने लिया जायजा
स्वाभिमान जागरण, देवरिया। कुंडौली गो आश्रय केंद्र में गोवंशों की मौत की खबर मीडिया में आने के बाद मंगलवार को जिले के अफसरों की गाड़ियां गोशालाओं की ओर दौड़ती रहीं। पशुपालन विभाग और जिला पंचायत के अधिकारियों ने कई गो आश्रय केंद्रों का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। रावतपार रघेन, करचो और कुंडौली गो आश्रय केंद्रों में जांच-पड़ताल की गई।
जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी डॉ. वेद प्रकाश, डिप्टी सीवीओ डॉ. वेद प्रकाश, पशुधन अधिकारी डॉ. अमित कुमार सिंह समेत पशुपालन विभाग और जिला पंचायत के अधिकारी-कर्मचारी दिनभर गोशालाओं का निरीक्षण करते रहे। अधिकारियों ने गोवंशों के लिए चारा-पानी, साफ-सफाई और कर्मचारियों की उपस्थिति समेत अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
कुंडौली में सामने आई थी बड़ी लापरवाही। कुंडौली में बदइंतजामी और कर्मचारियों की कथित लापरवाही के चलते गोवंशों की मौत का मामला सामने आया था। रविवार को पशुओं की मौत की सूचना मिलने पर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (सीवीओ) डॉ. श्रीनिवास प्रसाद और पशु चिकित्सा अधिकारी लार डॉ. अमित कुमार सिंह मौके पर पहुंचे थे। वहां काजी हाउस पर ताला लटका मिला। सीवीओ के निर्देश पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी अर्जुन सिंह को मौके पर बुलाया गया और ताला खुलवाकर निरीक्षण कराया गया।
निरीक्षण में काजी हाउस में तैनात कर्मचारियों की गैरमौजूदगी सामने आई। मुख्य कार्यकारी अधिकारी अर्जुन सिंह के अनुसार, पिछले एक सप्ताह से यहां कोई स्थायी कर्मचारी मौजूद नहीं था। करचो काजी हाउस के एक कर्मचारी को कुंडौली के पशुओं की देखभाल का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था। आरोप है कि वह कभी-कभार ही दाना-पानी देने पहुंचता था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कुपोषण की पुष्टि। मृत गोवंशों का पोस्टमार्टम कराया गया। रिपोर्ट के अनुसार लंबे समय तक संतुलित आहार नहीं मिलने के कारण कुपोषण से उनकी मौत होने की पुष्टि हुई है। इसके बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सीवीओ डॉ. श्रीनिवास प्रसाद ने कहा कि ड्यूटी में घोर लापरवाही बरतने वाले कर्मचारी पारस नाथ दुबे और आनंद किशोर के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

