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जाम में हाँफता अवाम

 

 

देवरिया ब्रेकिंग

10 सितंबर समय ढाई बजे


दोपहर में कसया बाईपास से गोरखपुर रोड पर निकलने से पहले सावधान

स्कूल छुट्टी के समय लगता है भीषण जाम

बड़ी गाड़ियों की आवाजाही और स्कूल वाहनों की भीड़ से थम जाती है सड़क की रफ्तार

एंबुलेंस और जरूरी काम से जाने वालों को होती है भारी परेशानी

 

जिम्मेदारों की चुप्पी पर उठ रहे सवाल, समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी तो हो सकती है बड़ी दुर्घटना

 

देवरिया में अगर आप दोपहर के समय कसया बाईपास से गोरखपुर रोड की ओर जाने की तैयारी कर रहे हैं तो समय का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। खासकर दोपहर करीब दो से तीन बजे के बीच इस मार्ग पर सफर करना परेशानी भरा साबित हो सकता है। स्कूलों की छुट्टी के समय सड़क पर अचानक वाहनों की संख्या बढ़ जाती है। इसके साथ ही बड़ी गाड़ियों की आवाजाही होने से स्थिति और गंभीर हो जाती है।
स्कूलों की छुट्टी होते ही सड़क पर स्कूल बस, वैन, ऑटो, ई-रिक्शा और निजी वाहनों की भीड़ जमा हो जाती है। दूसरी ओर इसी समय भारी वाहनों का आवागमन जारी रहने से सड़क पर यातायात का दबाव कई गुना बढ़ जाता है। देखते ही देखते सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है और कई बार यातायात पूरी तरह रेंगने लगता है।
एंबुलेंस फंसी तो कौन होगा जिम्मेदार?
सबसे गंभीर स्थिति तब पैदा होती है जब इस जाम में एंबुलेंस या किसी गंभीर मरीज को लेकर जा रहा वाहन फंस जाता है। जरूरी काम से निकलने वाले लोगों के साथ-साथ मरीजों और उनके तीमारदारों को भी जाम के कारण काफी परेशानी उठानी पड़ सकती है। सवाल यह है कि यदि इसी दौरान कोई एंबुलेंस जाम में फंस जाए और मरीज को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सके तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?
स्कूल छुट्टी के समय नहीं दिखती कोई विशेष व्यवस्था
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल छुट्टी के समय यातायात का दबाव बढ़ना कोई अचानक होने वाली घटना नहीं है। यह रोजाना का मामला है। इसके बावजूद स्कूलों की छुट्टी के समय यातायात को व्यवस्थित करने के लिए पर्याप्त इंतजाम नजर नहीं आते। स्कूल संचालकों की ओर से भी बच्चों को सुरक्षित तरीके से सड़क पार कराने और वाहनों को व्यवस्थित रखने की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
बड़ी दुर्घटना का बना रहता है खतरा
एक तरफ स्कूल से निकलते बच्चे और उनके वाहन, दूसरी तरफ तेज रफ्तार में गुजरने वाले वाहन और बीच में भारी वाहनों की आवाजाही—ऐसी स्थिति किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती है। सड़क पर जाम के बीच पैदल निकलने वाले बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए भी खतरा बढ़ जाता है।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि स्कूल छुट्टी के समय यातायात पुलिस या संबंधित विभाग की विशेष व्यवस्था की जाए। स्कूल संचालकों को भी वाहनों के लिए निर्धारित स्थान और बच्चों की सुरक्षित निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। साथ ही भारी वाहनों के आवागमन को लेकर भी आवश्यक यातायात प्रबंधन किया जाना जरूरी है।
लोगों का कहना है कि हादसा होने का इंतजार करने के बजाय जिम्मेदार विभागों को अभी से व्यवस्था सुधारनी चाहिए।

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