मानसिक पूजा से मन को वश में किया जा सकता है : आचार्य श्याम बिहारी

सलेमपुर। भरौली वार्ड नंबर-1 स्थित राधा-कृष्ण युगल सरकार मंदिर परिसर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन श्रीधाम वृंदावन से पधारे आचार्य श्याम बिहारी चतुर्वेदी ने कपिल-देवहूति प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि मन को वश में करने का सरलतम उपाय मानसिक पूजा है। मन को एकाग्र करके भगवान का चिंतन और मानसिक रूप से पूजा करने से व्यक्ति को शांति मिलती है।
आचार्य ने बताया कि माता देवहूति ने कपिल देव से पूछा कि मन को वश में कैसे किया जा सकता है। कपिल देव ने कहा कि मन को एकाग्र करने के लिए नियमित अभ्यास आवश्यक है। नासिका के अग्रभाग की ओर ध्यान लगाकर ‘ॐ’ का उच्चारण करने से मन को एकाग्र करने में सहायता मिलती है। नियमित अभ्यास से चंचल मन धीरे-धीरे स्थिर होने लगता है।
उन्होंने कहा कि मानसिक पूजा भी मन को नियंत्रित करने का सहज माध्यम है। व्यक्ति अपने मन में भगवान का ध्यान करे, उनका पूजन करे, परिक्रमा करे और उन्हें अपने भाव अर्पित करे। मानसिक रूप से की गई ऐसी साधना से मन भगवान के प्रति केंद्रित होता है और पूजा का आध्यात्मिक फल भी प्राप्त होता है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी दिनचर्या में मानसिक पूजन और भगवान के चिंतन को स्थान देना चाहिए।
आचार्य ने कहा कि मन की शुद्धता और एकाग्रता के लिए संतों ने भी मानस साधना को महत्वपूर्ण बताया है। कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से प्रसंग का श्रवण किया।
इस अवसर पर कथा के यजमान हीरालाल गुप्ता, आशा गुप्ता, अखिलेश पांडेय, अतुल श्रीवास्तव, संजय कुमार श्रीवास्तव, राकेश श्रीवास्तव, धनंजय बरनवाल, सुनील ठठेरा, सूरज सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।



