एंटी करप्शन टीम ने अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के बाबू व मुंशी को किया गिरफ्तार
शिक्षक से मांगे थे पांच हजार की रिश्वत

एंटी करप्शन टीम ने अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के बाबू व मुंशी को किया गिरफ्तार
शिक्षक से मांगे थे पांच हजार की रिश्वत
स्वाभिमान जागरण संवाददाता
देवरिया। यूपी के मुख्यमंत्री जीरो टॉलरेंस नीति पर सूबे को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने में लगे हैं। सरकारी विभागों में कई अधिकारी कर्मचारी बगैर रिश्वत के काम नहीं कर रहे। ताजा मामला देवरिया के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का है। मेडिकल अवकाश अवधि का 42 हजार 3 सौ 43 रुपया के भुगतान के लिए एक शिक्षक से पांच हजार की रिश्वत लेकर कल्याण करने की बात करने वाले अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के दो कर्मचारी रंगे हाथ एंटी करप्शन टीम द्वारा पकड़ लिए गए।
जिले के देसही देवरिया विकास खंड के देवरिया बुद्धू खां गांव में जामिया अरबिया मेराजुल उलूम विद्यालय है। यहां संतकबीर नगर के छराछ गांव निवासी मोहम्मद खालिद सहायक शिक्षक के पद पर तैनात हैं।
इनका मेडिकल अवकाश अवधि का 42 हजार 3 सौ 43 रुपया अवशेष था। जिसके भुगतान के लिए उन्होंने आवेदन किया था। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में तैनात बाबू अमूल यादव उन्हें दौड़ा रहा था। इसी दौरान कार्यालय में प्राइवेट कर्मी प्रदीप मिश्र ने 5 हजार रुपए रिश्वत की मांग की। पीड़ित शिक्षक ने एंटी करप्शन यूनिट गोरखपुर से संपर्क किया। एंटी करप्शन टीम बुधवार को बिना नंबर की सफेद बोलेरो में सवार होकर आई। पहचान छिपाने के लिए बोलेरो के ऊपर टीम ने आगे पीछे वन विभाग का स्टीकर लगा लिया था। पूर्व योजना के साथ पहुंची एंटी करप्शन की टीम ने दोनों रिश्वतखोरों को रंगे हाथ पकड़ लिया।एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई से विकास भवन में अफरा तफरी मच गई। दोनों को पकड़ कर कोतवाली ले जाया गया।
एंटी करप्शन टीम प्रभारी इंस्पेक्टर शिव मनोहर यादव ने बताया कि शिक्षक को मेडिकल लीव के भुगतान के बदले 5 हजार रुपए लेते हुए अमूल यादव निवासी सुरतापुर थाना मोहम्मदाबाद जिला गाजीपुर और प्राइवेट कर्मी प्रदीप मिश्र निवासी पड़री गुरुराव थाना भलुअनी को गिरफ्तार किया गया है। एंटी करप्शन टीम में रामबहादुर पाल, मनीष चौहान और संतोष दीक्षित शामिल रहे।



