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चनुकी और मेहरौना के रास्ते गो – वंश की तस्करी

चनुकी पुल के समीप लगेगा पुलिस पिकेट

पांडे एन डी देहाती / स्वाभिमान जागरण

मेहरौना और चनुकी के रास्ते हो रही गोवंश की तस्करी
देवरिया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्वनाथ एक गो भक्त सीएम हैं। सूबे में गो तस्करी रोकने और निराश्रित पशुओं के लिए जगह जगह गो आश्रय केंद्र बने हैं। इन गो आश्रय केंद्रों में सरकारी धन से पशुओं के खानपान और दवा इलाज की व्यवस्था है। देवरिया जिले के यूपी बिहार के बार्डर इलाकों से आए दिन गो वंश की तस्करी होती है। देवरिया जिले के लार थाना क्षेत्र में मेहरौना पुल और चनुकी पुल के रास्ते बड़े पैमाने पर गो तस्करी हो रही है। सुबह जब पुलिस नहाने धोने में लगी रहती है उस समय पशु तस्कर सबसे ज्यादा पारगमन कराते हैं। दिन में जब पुलिस ड्यूटी पर मुस्तैद हो जाती है तो इक्का दुक्का गो वंश ले जाने के लिए तस्कर पुलिस को दो लोगों के आधार कार्ड की फोटो कापी पुलिस को देते हैं। इनमें एक खरीददार का और दूसरा विक्रेता के आधार कार्ड की फोटो कापी होती है।

बुधवार को सुबह आठ बजे मेहरौना के रास्ते पिकप पर गाएं बिहार भेजी गईं। कुछ लोग वाहन का पीछा किए। सोशल मीडिया पर इसका मैसेज भी पोस्ट किया गया, लेकिन पिकप की गति इतनी तेज थी कि उसे रोका नहीं जा सका। पुलिस की मिली भगत से इंकार नहीं किया जा सकता।
लार थाना क्षेत्र चनुकी पुल पर तो पुलिस रहती है नहीं है,  लेकिन मेहरौना बार्डर पर तो स्थाई पुलिस चौकी है लेकिन गो वंश की तस्करी नहीं रुक रही है। तस्कर गांवों में घूम घूम कर पशु खरीदते हैं। उसके बाद लार थाना के सहजौर होते हुए पिकप चनुकी पुल होते सोहगरा होकर बिहार चले जाते हैं। कुछ गो तस्कर अपने वाहन मठ रोड से होकर भेड़िहरवा अराड में भाटपार वाली सड़क पकड़ कर चनुकी पुल होके बिहार जाते हैं।
सबसे तेज रास्ता मेहरौना का है। यहां पुलिस की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर गोवंश की तस्करी होती है। मेहरौना के रास्ते गोवंश की तस्करी के लिए चिन्हित पिकप हैं जो नित्य यह कार्य करते हैं। पुलिस अधिकारी यदि मेहरौना चौकी पर लगे सीसीटीवी कैमरे की जांच करें तो चौकी के स्टाफ और तस्करों के मिली भगत का खेल साफ दिख जाएगा। एक या दो ही चिन्हित पिकप आखिर क्यों मेहरौना में जानवर लेकर जाते हैं? इसकी भी जांच हो। जो लोग यह दावा करते हैं कि गाय पालने के लिए ले जा रहे हैं उनपर सवाल है कि सभी गोपालकों को यही वाहन कैसे उपलब्ध हो रहे हैं? यह भी जांच का विषय है। क्या इस क्षेत्र में पशु तस्करी का कोई संगठित गिरोह काम कर रहा है क्या? यदि ऐसा है तो उन सभी पर गैंगस्टर की कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही? इन प्रश्नों का भी पुलिस को जवाब देना होगा।
इस संबंध में जब लार के प्रभारी निरीक्षक कपिलदेव चौधरी से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि चनुकी पुल के समीप स्थाई पुलिस पिकेट लगेगा। किसी भी हाल में गो तस्करी नहीं होने दी जाएगी। बुधवार की सुबह मेहरौना के रास्ते गो वंश पार कराने के बारे में पूछने पर उन्होंने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी और यदि पुलिसकर्मियों की मिलीभगत मिली तो उनपर कार्रवाई की जाएगी।

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– फाइल फोटो संलग्न

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