दयनीय है इंडिया मार्का हैंडपंपों की दशा
प्रतिवर्ष लाखो खर्च करने के बाद भी खराब रहते हैं गांव के हैंडपंप

स्वाभिमान जागरण संवाददाता अड्डा बाजार, महराजगंज
सरकार द्वारा भले ही शहर से लेकर गांवों तक लोगों को चिलचिलाती धूप में प्यास बुझाने के लिए जगह-जगह इंडिया मार्का हैंडपंप लगाया गया हो। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। गांव के अधिकतर इंडिया मार्का हैंड पंप दूषित जल दे रहे हैं। या कुछ वर्षों से खराब पड़े हैं। प्रतिवर्ष ग्राम पंचायत द्वारा हैंड पंप के मरम्मत के नाम पर धन निकासी भी होती है। लेकिन धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। ऐसा ही मामला निचलौल ब्लाक के सीमावर्ती गांव बहुआर खुर्द में देखने को मिला है। जहां पर दो इंडिया मार्का हैंडपंप विगत वर्षों से खराब पड़े हैं। जिसका कोई पुरसाहाल नहीं है। श्रद्धालु जब पूजा पाठ करने के लिए हनुमान मंदिर पहुंचते हैं, तो नल से पानी ही नहीं निकलता। यही हाल मस्जिद के पास लगे हैंड पंप का भी है। जानकारी के अनुसार जल जनित रोगों से बचाव तथा शीतल जल मुहैया कराने के लिए सरकार द्वारा शहरों एवं गांव में सार्वजनिक स्थलों पर इंडिया मार्का हैंड पंप लगाने का निर्देश जारी किया गया है। जगह-जगह हैंड पंप लगाया गया है। देखरेख के लिए भी सरकार द्वारा निश्चित धन निर्धारित कर दी गई है। जो हैंड पंपो के मरम्मत के लिए खर्च किया जाता है। अधिकतर ग्राम प्रधानों एवं सचिवों द्वारा प्रत्येक वर्ष उक्त धनराशि निकालकर हैंडपंपों का मरम्मत दिखाकर बंदर बांट कर लिया जाता है। ग्राम वासियों ने बताया कि उन्होंने कई बार प्रधान से शिकायत भी किया लेकिन हैंड पंप ठीक नहीं कराया गया। हैंडपंप खराब होने से लोगों को शुद्ध पेयजल नहीं मिल रहा है। ग्राम वासियों ने हैंड पंप ठीक करने की मांग किया है। इस संबंध में ग्राम प्रधान श्याम सुंदर गुप्ता ने बताया कि जल्द ही हैंड पंप ठीक कर दिया जाएगा। यह तो महज एक बानगी है। अक्सर सभी ग्राम पंचायत में इंडिया मार्का हैंड पंप की दशा इसी तरह है। मरम्मत के नाम पर जिम्मेदारों द्वारा रुपया निकालकर बंदर बांट कर लिया जाता है। और हैंडपंप की स्थिति दयनिय बनी रहती है।



