आजादी के बाद पिच नहीं हो सकी खेमीपुर की यह सड़क

भाटपार रानी, देवरिया। मुल्क की आजादी का 77 वर्ष पूरे हो चुके हैं।इस दौरान शहरों से लेकर गांवों तक का काफी विकास भी हुआ है।वहीं प्रदेश व केन्द्र सरकार द्वारा गांवों को तमाम आधुनिक सुविधाओं से लैश करने की मुहिम भी चलाई जा रही है।अब ग्रामीण इलाकों के सड़कों का भी कायाकल्प हो रहा है।बावजूद इसके भाटपार रानी तहसील क्षेत्र के बनकटा ब्लॉक अंतर्गत स्थित खेमीपुर की तकरीबन एक किलोमीटर कच्ची सड़क आज तक पिच होने की राह देख रही है।इसके चलते ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।ग्रामीणों का कहना है कि इस सड़क पर किसी भी जनप्रतिनिधियों की नजरें इनायत नहीं हो रही हैं।बता दें कि भवानी छापर-भिंगारी बाजार मुख्य मार्ग से होकर बनकटा ब्लॉक के करजनिया ग्राम पंचायत स्थित प्राथमिक विद्यालय करजनिया तक सड़क पिच हो चुकी है।लेकिन उसके सौ मीटर उत्तर से होकर प्राथमिक विद्यालय खेमीपुर तक सड़क आज भी कच्ची है।यह सड़क गर्मी के दिनों में धूल से सराबोर रहती है।जबकि हल्की सी बारिश होने पर कीचड़ से सन जाती है।मुस्लिम बाहुल्य इस गांव के ग्रामीणों को आवश्यक कार्यों हेतु इसी सड़क से होकर चकिया कोठी,भवानी छापर, भिंगारी बाजार सहित तहसील व ब्लॉक मुख्यालय पर आना-जाना होता है।वहीं प्रत्येक दिन सैकड़ों छात्र भी इसी रास्ते से होकर स्कूल जाते हैं।लेकिन जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण आज तक यह सड़क पिच नहीं हो सकी है।वहीं भेड़वा गांव के पास से छपिया बघेल, भठहीं होते हुए खेमीपुर तक जाने वाली पिच सड़क उखड़ गई है।इस पर होकर जाने वाले राहगीर अनियंत्रित होकर गिरकर घायल होते रहते हैं।अब खेमीपुर के ग्रामीणों के सामने आगे खाई पीछे कुआं वाली कहावत की स्थिति है।लेकिन उनकी बात कोई नहीं सुनने वाला है।इस बाबत पूछे जाने पर ग्राम प्रधान सत्यप्रकाश पाठक ने कहा कि करजनिया होकर खेमीपुर आने वाली कच्ची सड़क को मैंने दो सौ मीटर आरसीसी कराया है।शेष सात-आठ सौ मीटर सड़क कच्ची है।अब इतनी बड़ी सड़क के निर्माण के लिए मेरे पास बजट नहीं है।फिर भी इसे किसी दूसरे कोटे से पक्का निर्माण कराने की कोशिश कर रहा हूँ।



