एसडीएम व सीओ की मौजूदगी में बाढ़ आपदा को लेकर चंदन नदी घाट पर एसडीआरएफ ने किया मॉकड्रिल।
सीपीआर, सर्पदंश व बिजली गिरने से बचाव की दी गई जानकारी।

स्वाभिमान जागरण संवाददाता, अड्डा बाजार, महराजगंज
एसडीएम निचलौल नन्द प्रकाश मौर्य, सीओ अनुज कुमार सिंह व तहसीलदार अमित कुमार सिंह मौजूदगी में दिन गुरुवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ठूठीबारी क्षेत्र के चंदन नदी घाट पर बाढ़ आपदा से निपटने के लिए एक विस्तृत व प्रभावशाली मॉकड्रिल का आयोजन किया गया।जिसमें सीपीआर सर्पदंश व बिजली गिरने से बचाव की जानकारी दी गई। मॉक ड्रिल में राष्ट्रीय इंटर कालेज बाली के एनसीसी कैडेटों ने महती भूमिका निभाई।
मॉकड्रिल के दौरान बाढ़ से पहले वबाद की तैयारियों, राहत और बचाव कार्यों को लेकर एसडीआरएफ की टीम ने लोगो को महत्व पूर्ण जानकारियां दी गई। इस मौके पर तहसील प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, सिंचाई विभाग, पीडब्ल्यूडी, फायर बिग्रेड, एनडीआरएफ कर्मी, चिकित्सा दल, एनसीसी कैडेट्स सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र के ग्रामीणों ने प्रतिभाग किया। एसडीआरएफ टीम के एसआई सूरज सिंह, कांस्टेबल मुकेश यादव, मनीष कुमार व चंदन ने बाढ़ के समय अपनाई जाने वाली सावधानियों, राहत कार्यों और आपात स्थितियों से निपटने के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। टीम ने बताया कि बाढ़ की स्थिति में किस तरह लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ मुसीबत में फंसे हुए लोगों की कैसे मदद की किया जाता है। मॉकड्रिल के दौरान एक प्रतीकात्मक दृश्य के जरिए बताया गया कि कैसे बाढ़ के समय डूबते व्यक्ति को बचाया जा सकता है। इस अभ्यास में सोनू, देवेंद्र पटेल और देवेंद्र यादव को नदी में डूबता हुआ दिखाया गया,जिसमे तत्काल सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम घटनास्थल पर पहुंच सभी को सुरक्षित बाहर निकाला। जिसमें दो की हालत गंभीर होने पर उन्हें 108 एंबुलेंस के जरिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया, जबकि एक व्यक्ति को मौके पर ही सीपीआर देकर उसकी जान बचाई गई। एसआई सूरज सिंह ने बताया कि डूबे व्यक्ति को पांच से सात मिनट के अंदर पानीसेबाहर निकालना बेहद जरूरी होता है। ऐसे में प्राथमिक उपाय के रूप में दोनों पैरों को ऊपर उठाकर पेट का पानी बाहर निकाला जा सकता है। दूसरा गर्दन के नीचे सहारा देकर व्यक्ति को पेट के बल लिटाने से भी फेफड़ों व पेट का पानी बाहर निकाला जा सकता है। इस दौरान बाढ़ के समय सर्पदंश जैसी आपात परिस्थिति से निपटने के लिए प्राथमिक उपचार के लिए बताया गया कि किसी को सांप काट ले तो बिना देर किए उसको नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाना चाहिए।वहीं बिजली गिरने की आपदा पर बताया कि ऐसी स्थिति में वृक्ष के नीचे शरण न लेने, पक्के व सुरक्षित मकान में रहने का मशवरा दिया गया। कार्यक्रम के दौरान आपदा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। राजस्व निरीक्षक आपदा मनोज श्रीवास्तव, कानूनगो,अवधेश सिंह, हल्का लेखपाल देवेंद्र पटेल, भारतेन्दु मिश्रा,अनिल सिंह, फायर बिग्रेड केसुरेश प्रसाद, अशोक पांडेय, मुकेश गौतम, सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता रणजीत सिंह, जेई आदित्य कुमार, पीडब्ल्यूडी के संत राम व एई गंगाराम शुक्ला प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।आपदा मित्र टीम के सदस्य देवेंद्र यादव, सोनू कुमार, प्रमोद कुमार, विजय कुमार, एनसीसी कैडेट सत्यरूपा दुबे, खुशबू शर्मा, सृष्टि तिवारी, सिवानी चौधरी और स्काउट गाइड रागिनी पाठक, सूची दुबे समेत बड़ी संख्या में लोगों ने मॉकड्रिल में उपस्थित रहे। मौजूद लोगों ने इसे अत्यंत उपयोगी, जागरूकता बढ़ाने वाला और जीवन रक्षक उपायों की सीख देने वाला अनुभव बताया।



