युवक की गुड़गांव में मौत,शव गांव में पहुंचते ही मचा कोहराम।
विदेश भेजने के नाम पर ठगी के शिकार ठूठीबारी के युवक की 29 जून को गुड़गांव में हुई थी संदिग्ध मौत।

परिजनों का रो रो का बुरा हाल, गांव वालों का भी आखे हुई नम
स्वाभिमान जागरण संवाददाता, खोरिया बाजार महराजगंज
विदेशी में नौकरी का सपना लेकर घर से निकला युवक मॉरिशस पहुंचा, पर वहां एयरपोर्ट से ही वापस लौटा दिया गया। खेत को बंधक रख विदेश भेजने का परिजनों का अरमान टूटता देख युवक घर आने के बजाय रोजी रोटी की तलाश में गुड़गांव चला गया। 29 जून रविवार को गुड़गांव के कुंडा थाने से उसकी मौत की खबर आने के बाद परिजन स्तब्ध व बदहवास हो गए। घर में चीख पुकार मच गई।कुंडा थाने से बड़े भाई प्रभुनाथ को शव सुपुर्दगी के बाद एक जुलाई दिन मंगलवार को जैसे ही शव धर्मौली पहुंचा घर में कोहराम मच गया। पत्नी और बच्चे दहाड़े मारकर रोने बिलखने लगे। घटना को सुनकर ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुभाष के शव का चंदन नदी घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। परिजनो का कहना है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या का मामला है। मौत के लिए युवक को विदेश भेजने वाला एजेंट भी गुनाहगार है। सुभाष के चार संतान हैं। परिवार में माता- पिता व बड़े भाई के अलावा पत्नी गीता, बड़ी लड़की रेनू (15), दूसरी रीमा (13), गरिमा (11), अनुष्का (10) व सबसे छोटा बेटा ऋतिक आठ साल का है।
सरहदी गांव ठूठीबारी के टोला धरमौली निवासी सुभाष यादव पुत्र राम बहादुर (37) की मौत से परिजन बदहवास हैं। हरियाणा के गुड़गांव के कुंडा थाना की पुलिस 29 जून को सुभाष के बड़े भाई प्रभुनाथ यादव को फोन कॉल के जरिए इस घटना की सूचना दी। सुभाष के पिता राम बहादुर यादव ने बताया कि उसके बेटे को कुछ एजेंटों ने मॉरिशस में नौकरी दिलाने का झांसा देकर पासपोर्ट और वीजा दिलवाया था। 14 जून को वह मुंबईसे मॉरिशस के लिए रवाना हुआ था, लेकिन वहां एयरपोर्ट पर उससे पूछताछ के बाद उसे प्रवेश नहीं मिला और 17 जून को उसे वापस मुंबई लौटा दिया गया। मुंबई आने के बाद वह दिल्ली होते हुए हरियाणा के गुड़गांव चला गया। वहां रोजी-रोटी कमाने में जुट गया। इस दौरान परिजनों से बातचीत भी हुई। पिता के मुताबिक मॉरिशस से लौटने के बाद सुभाष मानसिक रूप से काफी परेशान रहने लगा था। अचानक 29 जून को उसकी मौत की सूचना कुंडा थाने आई। मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।पुलिस जांच में जुटी है। 30 जून को शव को पोस्टमार्टम के बाद शव को मृतक के बड़े भाई प्रभुनाथ को सौंप दिया गया। एक जुलाई को एम्बुलेंस की मदद से घर धर्मौली लाया गया। घटना से पूरे गांव में शोक की लहर है। परिजनों ने एजेंटों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।



