बारिश न होने से मचा हाहाकार, अन्नदाता खेतों में पंपिंग सेट का ले रहे सहारा।

स्वाभिमान जागरण संवाददाता अड्डा, बाजार, महराजगंज
विकास खण्ड निचलौल क्षेत्र में मानसून की बेरुखी ने अन्नदाताओं को संकट में डाल दिया है। सावन का महीना अंत की ओर है। लेकिन अब तक महराजगंज जिले में समुचित वर्षा नहीं हुई। खेतों में रोपी गई धान की फैसले सूखने के कगार पर है। धान के खेतों में दरारें पड़ चुकी है। अन्नदाता किसान भविष्य को लेकर चिंतित है। क्षेत्र के किसान उमाशंकर पाल, अंबरीश तिवारी, शैलेश, टीपू सुल्तान, तनवीर, मेहताब, मोहम्मद यूसुफ, शैलेश, छोटेलाल, राहुल, महेंद्र, शंभू, संजय पाल आदि किसानों ने बताया कि कर्ज लेकर खाद बीज मजदूरी तथा पंपिंग सेट के सहारे धान की रोपाई कराई गई थी। लेकिन सावन के महीने में बारिश न होने से सारी मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है। कड़ाके की पड़ रही गर्मी और उमस से खेतों में रोपी गई धान की फसल सूख रही है। महंगा डीजल होने के बावजूद कुछ किसान फसल को बचाने के लिए पंपसेट से धान के खेतों में पानी भर रहे हैं। किसानों की स्थिति को देखते हुए सरकार को जल्द राहत के उपाय करने चाहिए। किसानों को कृषि विभाग डीजल अनुदान आपात सिंचाई सुविधा और अन्य योजनाएं सक्रिय करने चाहिए। ताकि किसानों को कुछ राहत मिल सके। यदि कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो जिले के किसानों की मेहनत और पूंजी दोनों संकट में फंस सकती है। किसानों ने प्रशासन से तत्काल खेतों का सर्वे करा कर मुआवजे की मांग की है।



