उत्तर प्रदेशब्रेकिंग न्यूज़महाराजगंज

स्वास्थ्य केन्द्र फरेंदा में चिकित्सकीय लापरवाही पर बड़ी कार्यवाही – गैरहाजिर स्टाफ का वेतन रोका गया।

 

स्वाभिमान जागरण संवाददाता, समरधीरा, महराजगंज ।

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी बनकटी )फरेंदा में स्वास्थ्य सेवा की भारी लापरवाही सामने आई जब एक मरीज (कुत्ते के काटने से घायल) को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाने पर वहां कोई डॉक्टर, फार्मासिस्ट या पैरामेडिकल स्टाफ उपस्थित नहीं था।फरेंदा निवासी उमेश मिश्रा का आरोप है कि दूरभाष के माध्यम से उन्होंने यह जानकारी दी कि उनका भतीजा जब सीएचसी फरेंदा पहुंचा तो वहां न तो कोई डॉक्टर था और न ही कोई फार्मासिस्ट या मेडिकल स्टाफ मौजूद थे।गंभीर स्थिति यह रही कि अस्पताल में एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने की तत्काल आवश्यकता थी,परंतु कोई भी चिकित्सा कर्मी अस्पताल परिसर में उपस्थित नहीं था।मामले की जानकारी मिलते ही अधोहस्ताक्षरी अधिकारी द्वारा स्वास्थ्य केन्द्र प्रभारी से दूरभाष पर वार्ता की गई, जिस पर प्रभारी द्वारा बताया गया कि वे “रास्ते में” हैं। जबकि सभी को विदित है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का समय प्रातः आठ बजे से दोपहर दों बजे तक होता है तथा इमरजेंसी सेवाएं 24 घंटे संचालित होती हैं।इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा सभी ड्यूटी पर तैनात कर्मियों का 30 जुलाई 2025 का एक दिवसीय वेतन तत्काल प्रभाव से बाधित कर दिया गया हैं और उनसे लिखित स्पष्टीकरण के साथ तलब किया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही दोहराई जाती है तो संबंधित सभी कर्मचारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करते हुए रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को प्रेषित की जाएगी।जनता की स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं की उपेक्षा और आपातकालीन सेवाओं में लापरवाही, न केवल सरकारी सेवा के नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे आम जनमानस की सुरक्षा और विश्वास पर भी आघात होता है।जिलाधिकारी कार्यालय एवं स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों ने भी इस घटना को गंभीरता से लिया है और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जनता ने भी इस लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति सुधारने की मांग की है।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!