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हिंदू सम्मेलन में आयोजन समिति द्वारा भव्य हिन्दू जन जागृति कार्यक्रम आयोजित

हजारों की उमड़ी भीड़।

 

स्वाभिमान जागरण संवाददाता आनंद नगर  महाराजगंज।

आर एस एस की स्थापना 27 सितंबर, 1925 को हुई थी। इस वर्ष आरएसएस अपना सौवां स्थापना वर्ष मना रहा है। हिंदुत्व और सनातन जीवन शैली के अस्मिता की रक्षा के लिए समर्पित आरएसएस ने इन 100 वर्षों में एक लंबी यात्रा की है। पूरे देश में जन जागृति अभियान चलाया जा रहा है। राष्ट्रीय पटल पर चर्चा का विषय बना महाराजगंज संसदीय क्षेत्र, की महत्वपूर्ण तहसील आनंद नगर में 24 दिसंबर 2025 बुधवार को नगर हिंदू सम्मेलन आयोजन समिति ने हिंदुत्व तथा सनातन जीवन पद्धति पर एक भव्य प्रांतीय संगोष्ठी का आयोजन किया जिसमें कई राष्ट्रीय तथा क्षेत्रीय धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विशिष्ट जनों ने संबोधित किया। इस कार्यक्रम में जहां विशाल जनसमूह दिखाई दिया वहीं पर विद्यार्थी, किसान, व्यवसाई और मजदूर तथा कारीगर भी शामिल होकर भारतीयता व हिंदुत्व का उत्सव मनाते हुए दिखे।

स्कूली बच्चों के वंदना, भरतनाट्यम तथा वेद के श्लोक से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ और बच्चों के द्वारा गाए गए संस्कृत वंदना से कार्यक्रम का समापन हुआ जिसमें लगभग 6000 से अधिक आगंतुक पूरे उत्साह-उमंग के साथ शामिल हुए। अयोध्या से पधारे सिद्ध पीठ हनुमानगढी प्रख्यात संत- श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर पूज्य महंत डॉक्टर स्वामी महेश योगी जी अपने व्याख्यान से सभी को मंत्र मुग्ध करते हुए कहां कि आनंद नगर के आनंद की बात ही कुछ और है। भारत विश्व गुरु यूं ही नहीं कहा जाता बल्कि यहां का अध्यात्म, ऋषियों मुनियों का तपोबल और सत्कर्म के प्रभाव को दुनिया जानती है। यही कारण है कि जब भी अत्याचार का अवतरण हुआ है और अधर्म हावी हुआ है तो उसके विनाश तथा धर्म की स्थापना के लिए अवतार हुए हैं। उन्होंने कहा कि हमारी चेतना ही ब्रह्म है और सनातन भी, प्रकृति भी। उन्होंने कहा कि यह हमें नहीं भूलना चाहिए कि भारत की भूमि सदैव ज्ञान विज्ञान तथा तपस्या की भूमि रही है। महावैद्य धनवंतरी ने आयुर्वेद के जनक हैं। भारत की धरती गोपालन के लिए जानी जाती रही है यहीं पर कबीर दास जैसे महाकवि एवं विद्वान पैदा हुए। बच्चों में आज अपने सनातन की शक्ति का भान करा कर विश्व का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। महेश योगी जी महाराज ने अपने व्याख्यान में भगवान श्री राम के मंदिर की स्थापना, भगवान रामचंद्र के व्यक्तित्व की चर्चा से लेकर आज देश के कई राज्यों की सीमाओं पर चल रहे षड्यंत्र और हिंदुत्व के ऊपर बढ़ रहा रहे खतरे की भी चर्चा की। और अंत में कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा के लिए हिंदुत्व और सनातन को संरक्षित और सुरक्षित रखने के पूर्ण कोशिश करने पड़ेंगे।

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक (पूर्वी उत्तर प्रदेश) अनिल जी ने मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि आज ही हिंदुत्व को पुर्नजागृत करने की आवश्यकता क्यों पड़ी क्योंकि इसकी आज हमें अत्यंत आवश्यकता है ताकि हमारी अस्मिता बची रहे और सनातन जीवन शैली भी। उन्होंने बताया कि पूरे देश में सघन रूप से प्रचार प्रसार चल रहा है जिसमें तकरीबन एक लाख स्थान पर जन जागृति का अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शहीद दिवस भी हम आयोजित कर रहे हैं ताकि हम देश की आजादी और आजादी के लिए बलिदान देने वाले शहीदों को बार-बार याद कर उनसे हम प्रेरणा ले। यह देश वैसे भी सैकड़ो वर्षों तक गुलामी के जंजीर से बधा हुआ था और जब लोगों को अपने स्वाभिमान और गरिमा की बात महसूस हुई तो वीर सपूतों के बलिदान से यह देश आजाद हुआ। अनिल जी ने कहा कि वंदे मातरम का 185वां दिवस भी मनाया जा रहा है। बिरसा मुंडा भगवान की जयंती भी मनाई जा रही है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का 100वे स्थापना वर्ष के अवसर पर हम सभी हिंदुत्व को परिभाषित करने वाले “वसुधैव कुटुंबकम” के मंत्र को अपना कर हम आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज हिंदू समाज को सभी तरफ बांटने का कार्य किया जा रहा है इसे रोकने का पुरजोर कोशिश किया जाना चाहिए और यह कार्य हम अपने घर परिवार पास पड़ोस गांव शहर से ही कर सकते हैं। इसके डरावने खतरे को आगाह करते हुए लव जिहाद के विभिन्न स्वरूप को भी बताया और धर्म परिवर्तन के षड्यंत्र की भी चर्चा की। अपने व्याख्यान के अंत में कहा कि अपनी सुरक्षा के लिए स्वर्ण धातु की जगह पर लौह धातु खरीदें। उन्होंने हिंदुओं में जागृति लाने की बात पर अपना संतोष व्यक्त किया और कहा कि हिंदू होने के नाते अपनी जिम्मेदारी सभी को स्वयं निभाने की आवश्यकता है।

कार्यक्रम में शरीक हुई विशेष वक्ता के रूप में श्रीमती अनुराधा श्रीवास्तव ने हिंदुत्व के जरिए महिला सम्मान, सहभागिता और अधिकारिता पर अपने विचार रखे और उन्होंने यह जोर दिया कि हिंदू समाज को एकजुट होने की आवश्यकता है। बच्चों में सनातन संस्कार जगाना अत्यंत आवश्यक बताया और कहा कि बच्चों को धार्मिक शिक्षा देते हुए उनकी माताएं अपने बच्चों को संस्कारी बना सकती है जिसकी आज समाज को बहुत बड़ी आवश्यकता है। हिंदू सम्मेलन आयोजन समिति आनंद नगर के प्रेरणा स्रोत एवं मार्गदर्शक एडवोकेट विवेक श्रीवास्तवने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि हिंदू जागरण का यह कार्यक्रम आनंद नगर शहर में तीसरी बार आयोजित किया जा रहा है जो बेहद सफल रहा है क्योंकि कड़ाके की सर्दी में भी सभी को एकत्र होने से नहीं रोक सकी।

 

 

कार्यक्रम का समापन के अवसर पर आभार प्रकट करते हुए करते श्रीराम पांडे ने सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया और अपने आसपास की घटनाओं की चर्चा करते हुए सभी को आगाह किया तथा हिंदुत्व पर जन जागृति के लिए एकजुट हो। कार्यक्रम का मधुर संचालन कर रहे एडवोकेट अरविंद मिश्रा ने बताया कि हिंदू सम्मेलनआयोजन समिति आनंद नगर के एडवोकेट विवेक श्रीवास्तव तथा उनके मार्गदर्शक एवं मित्र पिछले एक पखवाड़े से इस कार्यक्रम की तैयारी कर रहे थे। इस कार्यक्रम में जिला कार्यवाह नौतनवा परिक्षेत्र के एडवोकेट विवेक श्रीवास्तव,जिला प्रचारक नागेंद्र जी,विभाग प्रचारक राजीव नयन जी,सह विभाग प्रचारक अजीत जी एवं सह जिला संचालक अजय जी के साथ-साथ नगर संचालक प्रदीप जी, नगर कार्यवाह डॉ अरुण जी और नगर प्रचारक हिमांशु जी के दिन रात के प्रयास से यह आयोजन संभव हो पाया है। उन्होंने यह भी बताया कि इस कार्यक्रम अतिथियों का स्वागत भारत सरकार के अवकाश प्राप्त डिप्टी सेक्रेटरी एवं पत्रकार,डॉ आर बी चौधरी;पूर्व विधायक बजरंग बहादुर सिंह, संजय जयसवाल एवं श्रीमती इशरावती ने किया।

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