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माहे रमजान रहमत मगफिरत और निजात का महीना है।

 

स्वाभिमान जागरण संवाददाता, पुरन्दरपुर, महराजगंज।

इस्लाम धर्म में माहे रमजान सबसे पवित्र व पाक महीना है। इस महीने में जन्नत का दरवाजा खोल दिया जाता है और जहन्नम का दरवाजा बंद कर दिया जाता है और इस महीने में शैतानों को कैद कर दिया जाता है। रमजान में और रोजा रखने वालों के गुनाहों को माफ कर दिया जाता है इसके साथ है यह हर अच्छी का बदला 70 गुना बढ़ा दिया जाता है। इसी पार्क महीने में पवित्र कुरान नाजिल हुई थी जो सारे कायनात के लिए मार्गदर्शक के रूप में है। रमजान को तीन अशरों में बांटा गया है रहमत, मगफिरत और जहन्नम से निजात का है उक्त बातें हाफिज मौलाना मोहम्मद तौफीक खान ने जुमे की नमाज से पहले लोगों को संबोधित करते हुए कहीं। अंतिम दस दिन बहुत ही खास होता है क्योंकि इसमें शबे कद्र आती है जो हजारों मीना से बेहतर बताई गई है। इस महीने में रोजेदार इबादत के साथ-साथ जकात,फितरा से जरूरतमंदों की मदद करते हैं। रमजान सब्र और इंसानियत का संदेश देता है। इस अवसर पर मौलाना अब्दुल हलीम काशमी, अब्दुल कलाम, अब्दुस्सलाम, मन्नान खान,करीम, सलीम खान वहीद,शमसाद,वसीम अहमद सहित बहुत से लोग मौजूद रहे।

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