कुलपति से भगवान गिरी की भेंट का असर, आज पीजी कॉलेज के स्टॉफ के खातों में पहुंच जाएगा वेतन
स्वामी देवानंद पीजी कॉलेज मठ लार के प्रबंध समिति का मामला

स्वाभिमान जागरण देवरिया
स्वामी देवानंद पीजी कॉलेज मठ लार के प्रबंधकीय विवाद के बीच शिक्षकों व शिक्षिणेत्तर को यह चिंता सता रही थी कि कहीं होली के पूर्व उनका वेतन न मिले और होली फीकी न हो जाय। पीजी कॉलेज के स्टॉफ के लिए खुशखबरी की खबर यह है कि उनके वेतन की धनराशि विश्व विद्यालय ने ट्रेजरी में भेज दी है। आज सभी के बैंक खातों में उनके वेतन पहुंच जाएंगे। लार के महंत पद का विवाद सुलझ गया परन्तु प्रबंधक पद का विवाद अभी साफ नहीं हुआ है। कारण कि जो प्रबंध समिति अधिकृत रूप से काम कर रही है अभिलेखों में उसका संचालन समिति के उपाध्यक्ष स्वामी अभयानन्द गिरी द्वारा किया जा रहा था। अभ्यायानंद.को महंत पद से हटाए जाने और उनके गुरु स्वामी भगवान गिरी के पुनः मठ पर स्थापित होने के बाद स्वामी भगवान गिरी ने सबसे पहला कदम यह उठाया कि वे सभी शिक्षण संस्थाओं के कर्मचारियों के वेतन के लिए प्रयास किए।स्वामी देवानंद पीजी कॉलेज में प्राचार्य, प्रोफेसर सहित कुल 60 कर्मचारी हैं। जनवरी माह का वेतन सभी कर्मचारियों को 2 फ़रवरी को मिल गया था। जनवरी के वेतन भुगतान में पूर्व महंत स्वामी अभयानन्द गिरी का ही हस्ताक्षर हुआ था। अब जबकि स्वामी अभयानन्द गिरी को महंत पद से हटा दिया गया और नई प्रबंध समिति अभी प्रमाणित नहीं हुई है ऐसे में फरवरी माह का वेतन लटक सकता था। बुधवार को महंत स्वामी भगवान गिरी प्राचार्य प्रोफेसर ब्रह्मानंद सिंह और कुछ अन्य कर्मचारियों के साथ देवाश्रम मठ लार से गोरखपुर पहुंचे। वे विश्व विद्यालय की कुलपति प्रो पूनम टंडन से मिलकर पीजी कॉलेज के शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मचारियो के वेतन के लिए बात किए थे। कुलपति ने महंत को आश्वासन दिया था कि होली के पूर्व वेतन पहुँच जायेगा। पीजी कॉलेज के प्राचार्य प्रो ब्रह्मानंद सिंह भी काफी प्रयास किए कि सभी को समय से वेतन मिल जाय। शुक्रवार को विश्व विद्यालय ने ट्रेजरी में सभी के वेतन की धनराशि भेज दी। आज सभी के बैंक खातों में वेतन पहुँच जाएगा।



